भपराल तलवाड़ मेला ग्राउंड में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में उपस्थित श्रद्धातु। स्रोत: जागरूक पाठ
भपराल तलवाड़ मेला ग्राउंड में आयोजित भागवत के पांचवें दिन की कथा
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के गांव भपराल तलवाड़ मेला ग्राउंड में चल रही श्रीमद् गवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं सहित बच्चों ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर कथा का श्रवण किया।
कथा के दौरान वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। कई श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे, जिससे कथा स्थल पर एक अलौकिक वातावरण का अनुभव हुआ। कथावाचक श्री बालयोगी डॉ. प्रवीण स्वामी जी ने भगवान श्री कृष्ण की गोवर्धन लीला का भावपूर्णवर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब ब्रजवासियों ने भगवान श्री कृष्ण के निर्देश पर इंद्र देव की पूजा के स्थान पर प्रकृति स्वरूप गोवर्धन पर्वत की पूजा की, तो इंद्रदेव ने क्रोधित होकर मूसलाधार वर्षा शुरू कर दी। इस संकट की घड़ी में भगवान श्री कृष्ण ने अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर सभी ब्रजवासियों, गोवंश और जीव-जंतुओं की रक्षा की। उन्होंने बताया कि भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए हर परिस्थिति में उपस्थित रहते हैं। जब मनुष्य सच्चे मन, श्रद्धा और पूर्ण विश्वास के साथ भगवान की शरण में जाता है, तो उसे किसी भी संकट से डरने की आवश्यकता नहीं रहती। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि केवल मंदिरों में पूजा करने से ही नहीं, बल्कि अपने आचरण को शुद्ध बनाकर, दूसरों के प्रति प्रेम और सेवा का भाव रखकर भी भगवान को प्रसन्न किया जा सकता है। आयोजन समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वह इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करें और अपने जीवन में धर्म, भक्ति, सेवा व सदाचार के मूल्यों को अपनाकर जीवन को सफल बनाएं।