बिलासपुर में पहली शिक्षक मां कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में उपस्थित माताएं
-बच्चों के बौद्धिक, भाषा, सामाजिक विकास पर माताओं को किया जाएगा जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में ओल्ड जेएनवी बरठीं, राजकीय केंद्र प्राथमिक पाठशाला कलरी और बीआरसीसी कार्यालय बिलासपुर में पहली शिक्षक मां कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशालाएं शुरू हुईं।
कार्यशाला में सरकारी स्कूलों के नर्सरी, एलकेजी एवं यूकेजी कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों की माताएं भाग ले रही हैं। जिला समन्वयक अतुल शर्मा ने बताया कि कार्यशाला में माताओं से वर्तमान में उनकी भूमिका के बारे में बात की जा रही है। हर बच्चे की मां उसकी पहली शिक्षक होती है। माताएं ही बच्चे को उठना, बैठना और बोलना सिखाती हैं। सरकार की यह पहल माताओं को बच्चों की पढ़ाई के साथ जोड़ रही है, जिससे माताएं भी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से घर में भी पढ़ाई में बच्चों को व्यस्त रख सकती हैं। कार्यशालाओं में माताओं को बच्चों के शारीरिक, बौद्धिक, भाषा, सामाजिक, भावनात्मक एवं रचनात्मक विकास से संबंधित गतिविधियों के माध्यम से जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इन कार्यशालाओं में जिले की 1768 माताओं को प्रशिक्षित किया जाना है, जिसमें से 900 पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों की माताओं को इसी माह प्रशिक्षित किया जा चुका हैं। इस दौरान जिला उपनिदेशक शिक्षा गुणवत्ता एवं डीपीओ समग्र शिक्षा निशा गुप्ता ने माताओं से आह्वान किया कि वह इन कार्यशालाओं में बढ़-चढक़र भाग लें। यह कार्यशालाएं बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रख कर चलाई जा रही हैं। इन कार्यशालाओं के माध्यम से माताएं बच्चों के संपूर्ण विकास पर अपनी समझ विकसित कर सकती हैं। इन कार्यशालाओं में राज्य स्तर पर प्रशिक्षित रिसोर्स पर्सन डाइट जुखाला के उप प्रधानाचार्य संजय शामा, रोशन लाल, विनोद कुमार, चंद्रशेखर, मनजिंदर सिंह, सुरजीत कुमार, महेंद्र कुमार, नरेंद्र कुमार, प्रथम संस्था से ममता कुमारी अपनी सेवाएं दे रही हैं।