घुमारवीं व्यापार मंडल ने जताया विरोध
बोले, व्यापारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं होगा स्वीकार
बैठक कर रणनीति की जाएगी तय
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं की ओर से शहर के सभी व्यवसायियों के लिए ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य करने के नए आदेश का व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया है।
व्यापार मंडल घुमारवीं ने साफ शब्दों में कहा कि यह निर्णय व्यापारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने जैसा है। इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। व्यापार मंडल के प्रधान हेमराज संख्यान, उप प्रधान विनोद सागर, सचिव राजेश शर्मा और कोषाध्यक्ष राजपाल उप्पल ने कहा कि जब भी व्यापारी प्रशासनिक समस्याओं से जूझते हैं, तब नगर परिषद और प्रशासन मदद के लिए आगे नहीं आते। अब ट्रेड लाइसेंस के नाम पर मनमाना शुल्क वसूल कर व्यापारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
पदाधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन बिक्री, बाहरी फेरीवालों की बढ़ती मौजूदगी और मंदी के कारण व्यापार पहले ही संकट में है। ऐसे में नया ट्रेड लाइसेंस थोपना व्यापारियों के लिए और मुश्किलें बढ़ाने जैसा है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को पहले से ही जीएसटी, फूड लाइसेंस, शॉप एंड एस्टेब्लिशमेंट लाइसेंस जैसी कई कागजी कार्रवाई पूरी करनी पड़ती है, ऐसे में एक और लाइसेंस जोड़ना स्पष्ट अत्याचार है।
व्यापार मंडल ने नगर परिषद और सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि व्यापारी इस निर्णय को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं करेंगे। मंडल ने घोषणा की है कि जल्द ही सभी दुकानदारों की एक बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। साथ ही यह मुद्दा राज्य कार्यकारिणी के समक्ष भी उठाया जाएगा ताकि सरकार जल्द से जल्द यह आदेश वापस ले। व्यापार मंडल ने सभी दुकानदारों से अपील की है कि जब तक अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, कोई भी व्यापारी ट्रेड लाइसेंस न बनवाए।