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Bilaspur News: खड्ड को जाने वाले ट्रैक्टर के रास्तों को किया बंद

Wed, 05 Mar 2025 11:28 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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झंडूता में सुन्हाणी क्षेत्र के सीर खड्ड में ट्रैक्टर वाले रास्ते पर जेसीबी के माध्यम से रोक लगा
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-सुन्हाणी क्षेत्र में लगातार मिल रही थीं खनन की शिकायतें
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-विभाग ने कहा, रास्ता खोलने वालों पर होगी कार्रवाई

संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता के तहत सुन्हाणी क्षेत्र की सीर खड्ड में चल रहे अवैध खनन को रोकने के लिए विभाग ने रणनीति बना ली है। खनन विभाग ने खड्डों में जाने वाले ट्रैक्टरों के रास्तों को लोक निर्माण विभाग की मदद से जेसीबी लगाकर बंद कर दिया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि जो व्यक्ति इन रास्तों को खोलकर खड्ड में खनन करने के लिए जाता हुआ पकड़ा जाएगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
बरठीं क्षेत्र के सुन्हाणी, तुंगड़ी, री, अमरोआ, पिपलूघाट में खड्ड के आरपार जोरों से ट्रैक्टर चालक और मालिक रेत, बजरी और पत्थरों का अवैध कारोबार कर सरकार को लाखों का चूना लगाकर खुद मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। जिसकी शिकायत विभाग को लगातार मिल रही थी। बरसात के कारण खड्डों में रेत, बजरी व पत्थर जमा हो गए हैं, जिस कारण खड्डों का स्तर भी ऊपर आ गया है। खनन विभाग ने खड्डों को बचाने की नियत से और अवैध कारोबार करने वाले ट्रैक्टर चालकों पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से खड्डों में जाने वाले रास्तों को जेसीबी की मदद से बंद कर दिया है। अब ट्रैक्टर चालक खड्डों में नहीं जा सकेंगे। विभाग ने सुन्हाणी सीर खड्ड के निहाण, तुंगड़ी व सुन्हाणी में अवैध रास्तों को बंद किया है। जिला खनन अधिकारी बिंदिया रानी सहायक खनन निरीक्षक हरनाम सिंह व खनन रक्षक जसवीर सिंह ने कहा कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही थीं जिस कारण उन्होंने रास्तों को ही बंद कर दिया है।
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पानी का स्तर करीब सात मीटर नीचे
बरठीं क्षेत्र में अवैध खनन के कारण अब क्षेत्र में पानी का स्तर करीब सात मीटर नीचे गिर चुका है। पहले से ही पानी की कमी से जूझ रहे लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। खनन करने से सरकार को करोड़ों रुपये की चपत लग रही है। जानकार लोगों का कहना है कि जिस प्रकार सरकार पहले भी खड्डों को लीज पर देती थी जिस पर करोड़ों रुपये का राजस्व सरकार के पास इकट्ठा होता था, लेकिन अब खड्डों को लीज पर देना सरकार ने बंद कर दिया है जिस कारण खनन माफिया अवैध रूप से रेत बजरी और पत्थर निकाल कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं।
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