पंचायत समिति झंडूता में कांग्रेस और भाजपा में कांटे की टक्कर के आसार बन गए हैं। हालांकि, दोनों राजनीतिक दलों में मुकाबला सीधा माना जा रहा है। लेकिन पार्टी समर्थन के बिना अपने दम पर चुनावी मैदान में उतरने वाले कई नेता राजनितिक दलों का अंक गणित बिगाड़ सकते हैं।
बहरहाल, झंडूता पंचायत समिति में कांग्रेस और भाजपा दोनों दल अपनी-अपनी साख बचाने में जुट गए हैं। भाजपा के लिए अपना किला महफूज रखने की चुनौती है तो कांग्रेस के लिए भाजपा के किले में सेंधमारी की। झंडूता पंचायत समिति की 23 सीटों के लिए चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
वर्ष 2005 में पंचायत समिति अध्यक्ष पर भाजपा की सरला चंदेल और उपाध्यक्ष मंगल ठाकुर और 2010 में इंद्री देवी व राजकुमार कौंडल ने भगवा लहराया था। इस साल भाजपा पर हैट्रिक का दबाव है। कांग्रेस को भी भाजपा को हैट्रिक मनाने से रोकने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना होगा। इधर, भाजपा ने झंडूता बीडीसी में 23 में से 19 पार्टी समर्थित उम्मीदवारों का एलान कर दिया है।
इसकी सूची भी जारी कर दी है। कांग्रेस अभी तक पार्टी समर्थित उम्मीदवारों का एलान नहीं कर पाई। हालांकि, कांग्रेस और भाजपा से जुड़े कई उम्मीदवारों ने अपना प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। एक दूसरे को पटकनी देने के लिए दोनों ही दलों ने रणनीति बनानी तेज कर दी है। गुप्त बैठकों का भी दौर शुरू हो गया है।
झंडूता पंचायत समिति की 23 सीटों में से 12 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। 11 पंचायत समिति वार्डों से पुरुष प्रत्याशी मैदान में उतर सकते हैं।