ग्राउंड रिपोर्ट
- फ्लश टूटी, सफाई व्यवस्था चरमराई, शौचालयों पर ताले लटकने से भी परेशानी
- कोई वॉश बेसिन ब्लॉक, तो किसी में पानी की व्यवस्था नहीं
- तीमारदार पेयजल टंकी के पास धो रहे बर्तन, फैली रहती है जूठन
- जिला परिषद सदस्य गौरव शर्मा ने बदहाल व्यवस्था पर जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ पा रही हैं। स्थिति यह है कि वार्डों के शौचालय बदहाल हैं। किसी शौचालय की फ्लैश टूटी हुई तो कहीं सफाई व्यवस्था चरमराई है।
मालूम हो कि करीब ढाई साल पहले बने मातृ-शिशु भवन की दूसरी मंजिल पर बने सामान्य शौचालय में अभी तक ताला लटका हुआ है। तीसरी मंजिल पर शौचालय की हालत खस्ता है। शौचालय में फ्लश सहित अन्य पार्ट टूटे हुए हैं। चालय के बाहर वॉश बेसिन में पानी जमा हो रहा है। पाइप लीकेज होने के कारण फर्श गीला रहता है, जिस कारण कोई हादसा भी हो सकता है।
वहीं तीसरी मंजिल पर धातृ और गर्भवती महिलाओं का वार्ड है। शौचालयों की बदहाल स्थिति के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आईपीडी भवन के शौचालयों की भी यही हालत है। आईपीडी भवन की तीसरी मंजिल पर शौचालय के बाहर लगाया गया दैनिक और साप्ताहिक सफाई रूपरेखा का चार्ट पर अभी तक पिछले साल का तारीख पड़ी है, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सफाई व्यवस्था क्या होगी। शौचालय के पास वॉश बेसिन में पानी की व्यवस्था भी नहीं है, जिस कारण लोग साथ लगाई पेयजल टंकी में बर्तन धो रहे है। पेयजल टंकी के आसपास जूठन फैली रहती है, जो बीमारियों का न्योता है। ट्रामा सेंटर के शौचालय तो ब्लॉक होने के कारण लंबे समय से बंद पड़े हुए हैं। आपातकालीन भवन में स्वास्थ्य सेवाएं लेने आ रहे लोगों को इससे भारी परेशानी हो रही है।
उधर, सोमवार को जिला परिषद सदस्य गौरव शर्मा ने अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने शौचालयों की हालत और सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि इस सभी समस्याओं को अस्पताल प्रबंधन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के समक्ष उठाया जाएगा। वहीं, अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से इस बारे पक्ष लेने के लिए कॉल किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
इनसेट
निर्माण कार्य से उठने वाली धूल कर रही परेशान
जिला अस्पताल के आईपीडी भवन की तीसरी मंजिल पर इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन निर्माण कार्य से उठने वाली धूल से अस्पताल आने वाले मरीज और तीमारदार परेशान है। धूल को रोकने के लिए कोई पर्दा या टीन नहीं लगाई गई है। लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य के दौरान उठ रही धूल को रोकने के लिए उपाय किए जाएं।
जिला अस्पताल के एमसीएच भवन में खस्ताहाल शौचालय । संवाद
जिला अस्पताल के एमसीएच भवन में खस्ताहाल शौचालय । संवाद
जिला अस्पताल के एमसीएच भवन में खस्ताहाल शौचालय । संवाद
जिला अस्पताल के एमसीएच भवन में खस्ताहाल शौचालय । संवाद