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Bilaspur News: चिट्टा तस्करी के दोषी को तीन साल का कठोर कारावास

Sat, 28 Feb 2026 11:57 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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अदालत से-
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घुमारवीं की विशेष अदालत ने सुनाया फैसला
दोषी पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
-2021 में बल्ह मोड़ पर गश्त के दौरान पुलिस ने किया था गिरफ्तार

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नशे के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए डॉ. मोहित बंसल विशेष न्यायाधीश घुमारवीं की अदालत ने चिट्टा (हेरोइन) तस्करी के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी राकेश कुमार उर्फ सोनू को दोषी करार देते हुए तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को तीन महीने की अतिरिक्त कड़ी सजा भुगतनी होगी।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, 26 दिसंबर 2021 को पुलिस थाना घुमारवीं की टीम निजी वाहन से गश्त पर थी। रात करीब 8:00 बजे जब टीम बल्ह मोड़ के पास पहुंची, तो सड़क किनारे खड़े राकेश कुमार ने पुलिस को देखकर घबराहट में अपनी जेब से एक प्लास्टिक की शीशी सड़क पर फेंक दी और भागने लगा। पुलिस कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया। पुलिस ने एक स्थानीय व्यक्ति को गवाह के तौर पर शामिल किया और फेंकी गई शीशी की जांच की। जांच के दौरान शीशी के भीतर से एक पारदर्शी पॉलीथिन पैकेट बरामद हुआ, जिसमें 5.65 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) पाया गया। पुलिस ने मादक द्रव्य पदार्थ अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। विशेष न्यायाधीश डॉ. मोहित बंसल ने साक्ष्यों के आधार पर राकेश कुमार को दोषी ठहराया। फोरेंसिक लैब जुंगा की रिपोर्ट में बरामद पदार्थ के हेरोइन होने की पुष्टि हुई। हालांकि मुख्य गवाह की ट्रायल के दौरान मृत्यु हो गई थी, लेकिन अदालत ने पुलिस गवाहों के बयानों को विश्वसनीय और संदेह से परे माना। दोषी द्वारा ट्रायल के दौरान जेल में बिताए गए 19 दिनों की अवधि को उसकी कुल सजा (3 साल) में से कम कर दिया जाएगा। सजा पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील अजय भारद्वाज ने दलील दी कि नशा समाज की जड़ों को खोखला कर रहा है, इसलिए दोषी को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। वहीं बचाव पक्ष के वकील ने आरोपी के गरीब होने और परिवार का एकमात्र सहारा होने की दुहाई दी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए ऐसे अपराधों में नरमी नहीं बरती जा सकती।
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