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Bilaspur News: एम्स बिलासपुर के बेड़े में जुड़ेंगी तीन और बसें, परिवहन व्यवस्था होगी हाईटेक

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2023 से पुराने मॉडल के वाहनों पर पाबंदी, फिटनेस पर रहेगी पैनी नजर
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टेंडर में संस्थान ने सबसे ऊपर रखा है सेफ्टी प्रोटोकॉल

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में मरीजों और स्टाफ की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए परिवहन सेवाओं के विस्तार की कवायद शुरू हो गई है। संस्थान ने अपनी बस हायरिंग सर्विस के तहत बड़ा टेंडर जारी किया है। इस बार परिवहन व्यवस्था में सुरक्षा और आधुनिकता का विशेष तालमेल बिठाया गया है, जिसके तहत केवल नए मॉडल के वाहनों को ही बेड़े में शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
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संस्थान ने परिवहन बेड़े को दो श्रेणियों में बांटा है। पहले बेड़े में 21 सीटों वाली दो नॉन-डीलक्स बसें होंगी, जबकि दूसरे बेड़े में 42 सीटों वाली एक बड़ी बस को शामिल किया जाएगा। परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार, प्रत्येक बस को हर महीने औसतन 1200 किलोमीटर का सफर तय करना होगा। यह बसें मुख्य रूप से बिलासपुर के स्थानीय रूटों और कोठीपुरा परिसर के आसपास अपनी सेवाएं देंगी। परिवहन के इस टेंडर में सेफ्टी प्रोटोकॉल को सबसे ऊपर रखा गया है। एम्स प्रशासन ने शर्त रखी है कि ड्यूटी पर तैनात होने वाले ड्राइवरों का न केवल मेडिकल टेस्ट होगा, बल्कि उनका विजन टेस्ट भी अनिवार्य होगा। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा के लिए ड्राइवर की फिटनेस सबसे बड़ी प्राथमिकता है। साथ ही, साल 2023 के बाद के मॉडल की शर्त रखने से प्रदूषण और ब्रेकडाउन की समस्या भी कम होगी। फर्म को सरकारी या प्रतिष्ठित निजी संस्थान में कम से कम 3 साल तक वाहन संचालन का अनुभव होना चाहिए। ठेकेदार का पिछला रिकॉर्ड और गाड़ियों का रखरखाव जांचा जाएगा। रात के समय या आउट स्टेशन ड्यूटी के लिए 500 का अतिरिक्त भुगतान निर्धारित किया गया है। 27 मई शाम 5 बजे तक पोर्टल पर आवेदन जमा होंगे।
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