फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: पेयजल संकट, बलघाड़ पंचायत के बल्ह जूल गांव के लोगों में नाराजगी

Fri, 22 May 2026 11:41 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
विज्ञापन
सुखदेव।
विज्ञापन
पंचायत चुनाव : आपका मुद्दा
विज्ञापन


कई गांवों में महीने में 10 दिन भी नहीं पहुंच रहा पानी, हर चुनाव में होते हैं वादे
चुनाव खत्म होते ही पांच साल तक नहीं ली जाती ग्रामीणों की सुध

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। झंडूता क्षेत्र की बलघाड़ ग्राम पंचायत के बल्ह जूल गांव में पेयजल संकट इस बार पंचायती राज चुनाव का बड़ा मुद्दा बन गया है। गांव के लोगों को लंबे समय से पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक माह में कई बार पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप रहती है और कई बार मुश्किल से 10 दिन ही पानी पहुंच पाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर चुनाव में उम्मीदवार पानी की समस्या के समाधान के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद गांव की समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। लोगों का आरोप है कि पांच साल तक उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं होता, जिसके चलते आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

बल्ह जूल गांव के लोगों का कहना है कि पानी की सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ती है। कई बार दूर-दराज स्रोतों से पानी लाना पड़ता है। गर्मियों के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने कहा कि इस बार चुनाव में वही उम्मीदवार उनकी प्राथमिकता होगा जो पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस योजना लेकर सामने आएगा। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पंचायत प्रतिनिधियों को सिर्फ चुनावी वादों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूरे कार्यकाल में गांव की समस्याओं के समाधान के लिए काम करना चाहिए। लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से भी क्षेत्र में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
इनसेट
पानी की समस्या का स्थायी समाधान करने वाला प्रतिनिधि चाहिए
बल्ह जूल गांव में वर्षों से पेयजल संकट बना हुआ है। कई बार लोगों को दूर-दराज स्रोतों से पानी लाना पड़ता है। चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन बाद में गांव की समस्या को भुला दिया जाता है। इस बार ग्रामीण ऐसे प्रतिनिधि को चुनना चाहते हैं जो पानी की समस्या का स्थायी समाधान करवाए। - अंति देवी

इनसेट
हर घर तक नियमित पानी पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए
गांव में पानी की अनियमित सप्लाई से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ती है। कई दिनों तक नलों में पानी नहीं आता, जिससे घरेलू काम प्रभावित होते हैं। हर चुनाव में पानी का मुद्दा उठता है, लेकिन समाधान नहीं निकलता। पंचायत में ऐसा प्रतिनिधि होना चाहिए जो लोगों की मूलभूत समस्याओं को गंभीरता से उठाए। - जगदंबा देवी

इनसेट
चुनाव बाद गांव की समस्याओं से मुंह मोड़ लेते हैं प्रतिनिधि
बल्ह जूल गांव में एक माह में कई बार पानी की सप्लाई ठप रहती है। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। चुनाव के दौरान नेता गांव-गांव जाकर विकास के दावे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद पांच साल तक गांव की सुध नहीं लेते। इस बार जनता जवाबदेही तय करने के मूड में है। - अजय कुमार
विज्ञापन


ग्रामीणों को मूल सुविधाएं दिलाना पंचायत की जिम्मेदारी
पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है। कई गांवों में महीने में कुछ दिन ही पानी की आपूर्ति पहुंच पाती है। पंचायत प्रतिनिधियों को सिर्फ चुनावी वादों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि गांव की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम करना चाहिए। ग्रामीण अब काम करने वाले प्रतिनिधियों को प्राथमिकता देने की बात कह रहे हैं। -सुखदेव

सुखदेव।

सुखदेव।

सुखदेव।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें