ग्राउंड रिपोर्ट
लाखों खर्च के बाद भी पार्कों में टूट-फूट, झूले जर्जर
बुजुर्गों और मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों को परेशानी
रोशनी बंद होने से शाम होते ही वीरान हो जाते हैं पार्क
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं के तहत शहर में विकसित किए गए पार्क आज अपनी बदहाली खुद बयां कर रहे हैं। शहर के वार्ड नंबर 1 और वार्ड नंबर 5 बजोहा तक लगभग सभी पार्क बदहाली का शिकार हो रहे हैं। लाखों रुपये खर्च कर तैयार किए गए ये पार्क अब टूट-फूट के साथ मिटटी का ढेर बनते जा रहे हैं, लेकिन इन्हें संवारने वाले मौन हैं। ऐसे में नप की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। वार्ड नंबर 1 का पार्क, जो कभी लोगों के लिए सुबह–शाम टहलने का प्रमुख स्थल था, आज टूटे बेंच और सूखी हुई घास के कारण उपेक्षित नजर आ रहा है। पार्क में बैठने के लिए न तो बेंचों की व्यवस्था है और जो बेंच लगाई गई थीं, वे अब जर्जर होकर टूट चुकी हैं। यही हाल बजोहा वार्ड सहित अन्य वार्डों के पार्कों का भी है। कहीं मिट्टी हैं, तो कहीं कंटीली झाड़ी उग आई है। यहां तक कि किसी भी पार्क में इतनी भी घास मौजूद नहीं कि लोग जमीन पर बैठकर थोड़ी देर आराम कर सकें। इतना ही इन पार्कों में लगे झूले कुछ वर्ष पहले भारी बजट के साथ लगाए गए थे, लेकिन खराब गुणवत्ता और लापरवाही के चलते ये झूले कुछ ही महीनों में टूटकर बिखर गए। स्थिति यह है कि कई झूलों के ढांचे जंग खा चुके हैं और कुछ टूट चुके हैं जो बच्चों के लिए खतरा बन गए हैं। इनकी आज तक कोई मरम्मत नहीं की गई। पार्कों में रोशनी की व्यवस्था भी पूरी तरह ठप है। सर्दियों में शाम 5 बजे के बाद घना अंधेरा छा जाने से पार्क वीरान नजर आते हैं। स्ट्रीट लाइट या सोलर लाइट की कोई व्यवस्था न होने के कारण लोग शाम की सैर के लिए पार्क में नहीं आते हैं। सुबह के समय भी धुंध और अंधेरे के कारण पार्क का उपयोग करना लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। इसका सीधा असर शहरवासियों के स्वास्थ्य और दिनचर्या पर पड़ रहा है। बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरन उन्हें सड़क किनारे टहलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। मॉर्निंग वॉक करने वालों का कहना है कि पार्कों की यह हालत नगर परिषद की उदासीनता को दर्शाती है। स्थानीय लोग नगर परिषद से बार-बार शिकायत करके भी थक चुके हैं। उनका कहना है कि यदि पार्कों की मरम्मत, स्वच्छता, नई बेंचों, घास और लाइटिंग की व्यवस्था जल्द नहीं की गई, तो ये पार्क पूरी तरह से बेकार हो जाएंगे। शहरवासियों की मांग है कि पार्कों की समय पर देखरेख की जाए, टूटी बेंचों और झूलों को बदला जाए और उचित रोशनी की व्यवस्था की जाए, ताकि लोग सुरक्षित और स्वच्छ माहौल में सुबह–शाम टहल सकें। घुमारवीं के लोगों को अब उम्मीद है कि नगर परिषद जल्द कदम उठाकर इन पार्कों को फिर से आम जनता के लिए उपयोगी बनाएगी।
कोट
पार्कों का जीर्णोद्धार शुरू किया जा रहा है। जल्द ही पार्कों में नई बेंच लगाई जाएंगी। इसके साथ जो भी पार्कों में मरम्मत और अन्य कार्य है, उसे भी जल्द ही पूरा किया जाएगा ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
रीता सहगल, अध्यक्ष, नगर परिषद घुमारवीं
नगर परिषद घुमारवीं में स्थित पार्क में टूटे झूले। संवाद
नगर परिषद घुमारवीं में स्थित पार्क में टूटे झूले। संवाद