सितंबर 2025 में शुरू करने का था लक्ष्य, निर्माण कार्य अब भी जारी
डॉक्टरों की कमी से पुराने भवन में मरीज परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी के समीप घवांडल में निर्माणाधीन 50 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है। अस्पताल को सितंबर 2025 तक शुरू करने का लक्ष्य था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के एक साल बाद भी भवन जनता को समर्पित नहीं हो सका है। हालांकि सरकार ने शेष निर्माण कार्य के लिए पांच करोड़ रुपये जारी किए हैं, जिसके बाद काम में तेजी आई है।
इस समय अस्पताल पुराने भवन से संचालित हो रहा है, जहां कमरों की कमी के कारण मरीजों, चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में 10 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल तीन चिकित्सक ही तैनात हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
निर्माणाधीन अस्पताल में 50 बिस्तरों के अलावा छह ओपीडी कक्ष, शवगृह, पार्किंग और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अस्पताल परिसर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिसके लिए जल्द टेंडर जारी होने की उम्मीद है। वहीं लिफ्ट का सामान भी पहुंच चुका है और इसे जल्द स्थापित किया जाएगा।
अस्पताल शुरू होने के बाद क्षेत्र की करीब 40 हजार आबादी के साथ-साथ शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। फिलहाल निर्माण कार्य में देरी के कारण लोगों को नए अस्पताल के शुरू होने का इंतजार करना पड़ रहा है।
अस्पताल का निर्माण कार्य जारी है। सरकार से पांच करोड़ रुपये का बजट मिलने के बाद काम में तेजी लाई गई है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का टेंडर जल्द जारी किया जाएगा। लिफ्ट का सामान भी पहुंच चुका है और शेष कार्य पूरा होते ही अस्पताल को शुरू करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-अच्छर सिंह चौहान, सहायक अभियंता