कल शिमला में प्रदेश स्तरीय रैली में लेंगे भाग
मांगे पूरी नहीं हुई तो कर्मचारी जारी रख सकते हैं हड़ताल
वैकल्पिक व्यवस्थाओं के सहारे संचालित की जा रही सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। 108 और 102 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों की पांच दिन की हड़ताल शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि वैकल्पिक व्यवस्थाओं के सहारे सेवाएं संचालित की जा रही हैं। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर के परिसर में कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हुए हैं।
यूनियन के प्रधान संजीव कुमार ने बताया कि लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी प्रबंधन व सरकार से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। मजबूर होकर कर्मचारियों को पांच दिन की हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में माननीय हाईकोर्ट, सीजेएम कोर्ट व लेबर कोर्ट द्वारा पारित न्यूनतम वेतन का भुगतान शामिल है। इसके अलावा 12 घंटे की ड्यूटी पर डबल ओवरटाइम देने, कर्मचारियों का मानसिक उत्पीड़न बंद करने और भविष्य निधि, ग्रेच्युटी व अर्जित अवकाश जैसी मूलभूत सुविधाएं लागू करने की मांग भी की जा रही है। संजीव कुमार ने कहा कि कर्मचारियों को जीवीके ईएमआरआई और मेडस्वान फाउंडेशन के माध्यम से वेतन का नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करने और वेतन में प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान किया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों से लगातार 12-12 घंटे ड्यूटी ली जा रही है, लेकिन नियमानुसार भुगतान नहीं किया जा रहा। इससे कर्मचारियों में रोष है। कई बार ज्ञापन देने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। संजीव कुमार ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रबंधन ने शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि कर्मचारी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना चाहते हैं, लेकिन अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना भी मजबूरी है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि पांच दिन की हड़ताल पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत जारी रहेगी। 16 फरवरी को शिमला में प्रदेश यूनियन की रैली है, जिसमें आगामी रणनीति तय की जाएगी। यदि सरकार मांगे नहीं मानती है तो कर्मचारी हड़ताल जारी रख सकते हैं।