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Bilaspur News: रामलीला में दर्शाए मारीच का मायावी सोने का मृग बनने और सीता हरण के दृश्य

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घुमारवीं में आयोजित रामलीला का दृश्य। संवाद
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हिरण नहीं कोई छलिया है.. ने पंडाल में उपस्थित सभी को किया भावविभोर
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जटायु के साहसिक अभिनय, बलिदान ने दर्शकों की आंखों की नम

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं में आदर्श रामलीला नाटक समिति द्वारा आयोजित पांचवीं संध्या में रामलीला का मंचन के दौरान पंडाल श्रद्धा और भक्ति से गूंज उठा, और लोग जयघोष और तालियों के साथ हर दृश्य का आनंद लेते नजर आए। संध्या की शुरुआत रावण और मारीच के संवाद से हुई। मारीच का मायावी सोने का मृग बनना और सीता हरण का दृश्य दर्शकों के सामने जीवंत हो उठा।
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रावण के मधुर गायन ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं राम की चेतावनी ये हिरण नहीं कोई छलिया है.. ने पंडाल में उपस्थित सभी को भावविभोर कर दिया। आगे का सबसे संवेदनशील दृश्य रावण-जटायु युद्ध था। जटायु के साहसिक अभिनय और बलिदान ने दर्शकों की आंखों को नम कर दिया। पंचवटी लौटकर राम का सीता विहीन वेदना व्यक्त करना, हर रोज की गर्दिश से पंडाल में बैठे श्रद्धालुओं को भावुक कर गया। संध्या का सबसे अद्वितीय क्षण रहा सबरी-राम मिलन। अंकू ने शबरी की भूमिका में जिस सादगी और भक्ति के साथ अभिनय किया, दर्शक खड़े होकर तालियां बजाते नहीं थके। यह दृश्य भक्ति और प्रेम के शाश्वत बंधन का प्रतीक बन गया। अंतिम चरण में हनुमान और सुग्रीव के संवाद ने आने वाले युद्ध की पृष्ठभूमि तैयार की। लक्ष्मण, सीता, मारीच और साधु ने भी अपने अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया। कलाकारों की संजीव अदाकारी, आकर्षक वेशभूषा और भव्य मंच सज्जा ने इस रामलीला को अविस्मरणीय बना दिया। पांचवीं संध्या पर एसडीएम गौरव चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल नाटक नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा का दर्पण है। उन्होंने समिति का आभार व्यक्त करते हुए जनता से सहयोग की अपील भी की।
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