फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: शिक्षा विभाग के फैसले का प्राथमिक शिक्षक संघ ने जताया विरोध

Fri, 28 Nov 2025 11:01 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
संघ बोला, पदों को कमजोर कर खत्म करने की साजिश, आंदोलन को होंगे मजबूर
विज्ञापन

अधिकारियों पर लगाया सीएम और शिक्षा मंत्री को गुमराह करने का आरोप

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हिमाचल प्रदेश ने निदेशक (स्कूल शिक्षा) द्वारा 27 नवंबर 2025 को जारी पत्र पर विरोध जताया है। संघ ने आरोप लगाया है कि शिक्षा विभाग आरटीई अधिनियम (संशोधन 2019) का हवाला देकर मुख्य शिक्षक, केंद्रीय मुख्य शिक्षक और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों का प्रशासनिक नियंत्रण नए परिसर के प्रधानाचार्यों को सौंपकर इन पदों को कमजोर करने की साजिश कर रहा है।
विज्ञापन

संघ का कहना है कि विभाग ने सोच-समझकर केंद्रीय मुख्य शिक्षकों व बीईईओ की शक्तियां सीमित कर दी हैं, ताकि भविष्य में इन पदों को समाप्त करने का रास्ता साफ किया जा सके। प्राथमिक शिक्षक संघ ने इसे अन्याय और धोखा करार दिया है। संघ ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को भी गलत जानकारी देकर गुमराह कर रहे हैं, जिससे सरकार की कर्मचारी हितैषी छवि खराब हो रही है। संघ ने कहा कि मिड-डे मील, मुफ्त पाठ्य पुस्तकें, यूनिफॉर्म वितरण, छात्रवृत्ति और विभिन्न आर्थिक सहायता योजनाओं का संचालन वर्षों से मुख्य शिक्षकों व खंड अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। अब इन्हें प्रधानाचार्यों को सौंपना प्राथमिक शिक्षकों को हाशिये पर धकेलने जैसा है। संघ ने पांचवीं कक्षा की परीक्षा का नियंत्रण भी प्रधानाचार्य को देने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। संघ के राज्य अध्यक्ष रमेश शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम सिंह राव और महासचिव रजनीश कौशिक ने संयुक्त बयान में कहा कि विभाग लगातार बिना परामर्श लिए एकतरफा निर्णय ले रहा है, जिससे वे आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस पूरे विवाद की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें