न सड़क बची, न पानी की सुविधा, 12 परिवारों की जिंदगी बनी मुश्किल
आशीष ठाकुर की अगुवाई में डीसी से मिले ग्रामीण, सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन परियोजना के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन रघुनाथपुरा गांव के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। अधिग्रहण के बाद से गांव तक पहुंचने का कोई स्थायी रास्ता नहीं बचा है। न पक्की सड़क है और न ही पीने के पानी का इंतजाम।
इस समस्या को लेकर सोमवार को पूर्व जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष आशीष ठाकुर की अगुवाई में ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त राहुल कुमार से मिला और ज्ञापन सौंपकर स्थायी समाधान की मांग उठाई। ग्रामीणों ने उपायुक्त को बताया कि गांव के 12 परिवार लंबे समय से बिना सड़क और पेयजल सुविधा के रह रहे हैं। अधिग्रहण से पहले गांव में रास्ता व पानी की सुविधा थी, लेकिन रेल लाइन प्रोजेक्ट ने सब छीन लिया। ग्रामीणों का कहना है कि अब न तो उनके पास आने-जाने के लिए पक्का रास्ता बचा है और न ही साफ पानी की उपलब्धता है। बताया कि वर्ष 2024 में स्थायी प्रशासन ने निर्माणाधीन रेलवे कंपनी को आदेश जारी किए थे कि रघुनाथपुरा गांव को जल्द सड़क सुविधा से जोड़ा जाए, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आदेश कागजों तक ही सीमित रह गए हैं और उनकी सुनवाई नहीं हो रही। उपायुक्त राहुल कुमार ने ग्रामीणों की समस्याएं ध्यान से सुनीं और उन्हें आश्वासन दिया कि प्रशासन इस मामले को प्राथमिकता से हल करेगा। उन्होंने कहा कि रघुनाथपुरा को पक्की सड़क से जोड़ा जाएगा और स्थायी रास्ते का प्रबंध किया जाएगा। साथ ही पेयजल संकट से निपटने के लिए गांव में हैंडपंप लगाए जाएंगे। ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रधान रणजीत चौधरी, निका राम, चौधरी राम, संत राम, अश्विनी, पवन, सुरेंद्र, भगत राम, सतीश, पंकज ठाकुर, विशाल कुमार, नरेश कुमार, निशांत सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।