घुमारवीं में बिजली बोर्ड के कार्यालय के पास हुआ भूस्खलन। संवाद
बोर्ड ने एनएचएआई से शीघ्र मरम्मत की उठाई मांग
हाईवे किनारे कार्यालय के नीचे खिसक गया है जमीन का हिस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित बिजली बोर्ड घुमारवीं के कार्यालय के समीप हुए भूस्खलन के कारण बोर्ड के भवन को खतरा पैदा हो गया है। बीते दिनों बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिससे बिजली बोर्ड कार्यालय के नीचे की जमीन का एक हिस्सा खिसक गया है।
यह भूस्खलन कार्यालय भवन के ठीक नीचे की ओर हुआ है, जिससे भवन असुरक्षित स्थिति में आ गया है। दिक्कत यह है कि सड़क किनारे का हिस्सा धीरे-धीरे खिसकता जा रहा है। यदि समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। बिजली बोर्ड के अधिकारियों ने समय रहते स्थिति को भांपते हुए एनएचएआई को इसकी जानकारी दे दी है। हालांकि अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है, जिससे बोर्ड में भी चिंता का माहौल है। बोर्ड अधिकारियों की माने तो पहले तो एनएचएआई ने इस पर कोई भी कार्रवाई करने से साफ मना कर दिया था। क्योंकि एनएचएआई का कहना था कि उनके पास सिर्फ सड़क की मरम्मत का कार्य है। स्थिति को देखते हुए एनएचएआई ने हामी तो भरी, लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है। फिलहाल सुरक्षा के लिए भूस्खलन से गिरे डंगे पर एक बड़ा तिरपाल बिछाकर उसे ढक दिया गया है, ताकि पानी का सीधा प्रवाह रोका जा सके और मिट्टी का और अधिक कटाव न हो। लेकिन अगर अगले कुछ दिनों में तेज बारिश होती है तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है। बोर्ड के अधिकारियों की माने तो कि इस मामले में जल्द स्थायी समाधान जरूरी है। उनका कहना है कि बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने एनएचएआई से अपील की है कि भवन की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए, ताकि भवन को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।
कोट
बारिश से हुए भूस्खलन से भवन के साथ डंगा गिरने से भवन को खतरा हो गया है। इस बारे में एनएचएआई को अवगत करवाया गया है, लेकिन अभी तक का कार्य शुरू नहीं हुआ है।अपने स्तर पर भी एक प्राक्कलन बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। - कर्ण चंदेल, अधिशासी अभियंता, बिजली बोर्ड घुमारवीं