छुट्टी पर होने के चलते नहीं हो रही है मेडिसिन की ओपीडी
खासकर ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को होना पड़ रहा है परेशान
लोगों ने अस्पताल में एक ओर मेडिसिन चिकित्सक की तैनाती की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला अस्पताल में मेडिसिन चिकित्सक के अवकाश पर रहने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ दिनों से मेडिसिन विभाग के चिकित्सक अवकाश पर हैं। इसकी वैकल्पिक व्यवस्था न होने से ओपीडी में मरीजों को परेशान होना पड़ा। दूरदराज से आए मरीज सुबह अस्पताल पहुंचे, लेकिन पर्ची काउंटर से डॉक्टर न होने की जानकारी मिलने के बाद वापस लौट गए।
अस्पातल में एक ही एमडी मेडिसिन है। उनके छुट्टी पर जाने के बाद ओपीडी संभालने के लिए कोई दूसरा एमडी विशेषज्ञ अस्पताल में नहीं है। ऐसे में इकलौते डॉक्टर के छुट्टी पर जाने से परेशानी हो जाती है। बुजुर्ग मरीजों और महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कत होती है। मरीजों का कहना है कि जिला अस्पताल क्षेत्र का सबसे बड़ा सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है, जहां रोजाना सैकड़ों लोग इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में सिर्फ एक मेडिसिन चिकित्सक का होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। मरीजों का कहना है कि अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं का आश्वासन तो मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर राहत नहीं मिल रही। अवकाश की स्थिति में पहले से रोस्टर बनाकर वैकल्पिक डॉक्टर तैनात किए जाने चाहिए, ताकि मरीजों को इलाज से वंचित न होना पड़े। ओपीडी में रेखा देवी, सावित्री शर्मा, रामेश्वरी, रोशनी देवी, रामलाल, रमेश, और नंतराम ने बताया कि पिछले कई दिन से मेडिसिन चिकित्सक अवकाश पर होने पर दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल में दो मेडिसिन चिकित्सक की तैनाती करनी चाहिए, ताकि एक अवकाश पर जाने पर दूसरे चिकित्सक से लोग स्वास्थ्य लाभ ले सकें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश सरकार से मांग की है कि बिलासपुर अस्पताल में अन्य मेडिसिन चिकित्सक का पद भरा जाए। जिला अस्पताल में हर रोज 500 के करीब मरीजों को पंजीकरण होता है। जानकारी के अनुसार मेडिसिन चिकित्सक 25 फरवरी तक अवकाश पर है। उधर, इस बारे में चिकित्सा अधीक्षक एके सिंह से उनके कार्यालय में सुबह 11:30 बजे संपर्क करने की कोशिश की,लेकिन वो वहां उपलब्ध नहीं थे। फोन पर संपर्क किया गया लेकिन फोन रिसीव नहीं किया।
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में बंद मेडिसिन विशेषज्ञ की ओपीडी । संवाद