डिजिटल न चलाएं
पुराने भवन का होगा कायाकल्प-तीन करोड़ से तैयार होगा बहुउपयोगी भवन
किराये से बढ़ेगी नगर परिषद की आय, डियारा सेक्टर में 60 वर्ष से चल रहा था कार्यालय
-सीमित संसाधनों के चलते परिषद ने बनाया आय बढ़ाने का मास्टर प्लान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नगर परिषद बिलासपुर अपने कार्यालय को इस सप्ताह नए सीएलसी भवन, रौड़ा सैक्टर में स्थानांतरित करने जा रही है। इसके साथ ही डियारा सेक्टर में स्थित 60 वर्ष पुराने कार्यालय भवन को आधुनिक रूप से विकसित किया जाएगा। इस कार्यालय भवन को अब व्यावसायिक दृष्टि से तैयार किया जाएगा। इस कार्य पर लगभग 3 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
नगर परिषद ने हाल ही में की गई बैठक में फैसला लिया था कि पुराने भवन का नवीनीकरण इस तरह से किया जाएगा कि वह एक बहुउपयोगी स्थल बन सके। योजना के अनुसार भवन को एक आधुनिक मैरिज हॉल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें विवाह समारोहों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नगर परिषद अध्यक्ष कमल गौतम ने बताया कि नगर परिषद के पास आमदनी के सीमित साधन हैं, इसलिए पुराने भवन का व्यावसायिक उपयोग करना समय की मांग है। मरम्मत और सौंदर्यीकरण के बाद भवन को समारोहों के लिए किराये पर दिया जाएगा। इससे नगर परिषद को नियमित आय का एक नया स्रोत मिलेगा, जो भविष्य में विकास कार्यों के लिए फायदेमंद रहेगा। भवन में वातानुकूलित हाल, बैठक कक्ष और पर्याप्त पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। डियारा सेक्टर स्थित यह भवन नगर परिषद का ऐतिहासिक स्थल रहा है। करीब 60 साल पहले यहां से नगर परिषद ने अपना प्रशासनिक कार्य संचालन शुरू किया था। समय के साथ भवन जर्जर हो गया। अब परिषद ने इसे नए रूप में तैयार कर जनता के उपयोग हेतु विकसित करने का निर्णय लिया है। रौड़ा सेक्टर में नगर परिषद का नया सीएलसी भवन बनकर तैयार हो चुका है। यह भवन आधुनिक सुविधाओं से युक्त है, जहां से कार्यालय संचालन ज्यादा कुशलता और सुविधा के साथ किया जा सकेगा। नगर परिषद ने तय किया है कि इसी सप्ताह कार्यालय को नए भवन में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। स्थानांतरण के बाद पुराने भवन के नवीनीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा। भवन के कायाकल्प से न केवल शहर के लोगों को एक बेहतर आयोजन स्थल मिलेगा, बल्कि इससे परिषद की आय भी बढ़ेगी, जिससे भविष्य में और भी विकास कार्य संभव हो सकेंगे। पुराने भवन के मरम्मत व नवीनीकरण कार्य के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से ठेकेदारों का चयन कर कार्य को तय समय सीमा में पूरा किया जाएगा। परिषद का लक्ष्य है कि आगामी कुछ महीनों में भवन का कायाकल्प कर उसे जनता के उपयोग के लिए खोल दिया जाए।