-शौचालय जाने के लिए भी कूलर से भरकर ले जानी पड़ी पानी की बोतलें
-अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से स्वास्थ्य केंद्र में मची अफरातफरी
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। सोमवार सुबह करीब 6 बजे, भराड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती मरीज और उनके तीमारदार पानी के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए, लेकिन नलकों में पानी नहीं आया। करीब दो घंटे की परेशानी के बाद नलों में पानी आना शुरू हुआ। गर्मियों के मौसम में उल्टी, दस्त, पेट से संबंधित बीमारियों के अलावा बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में पानी का संकट स्वास्थ्य केंद्र की पूरी व्यवस्था की पोल खोल रहा है। हालात यह हो गए कि मरीजों को शौचालय जाने के लिए भी कूलर से पानी की बोतल भरकर ले जानी पड़ी।
यह स्वास्थ्य केंद्र भराड़ी क्षेत्र की लगभग 40,000 आबादी के लिए एकमात्र बड़ा उपचार केंद्र है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए आते हैं। सोमवार को करीब एक दर्जन मरीज अस्पताल में भर्ती थे, तो नलकों में पानी नहीं आया। नतीजतन, मरीजों को कूलर से पानी की बोतलें भरकर शौचालय जाना पड़ा। अस्पताल में पानी की कमी ने न सिर्फ मरीजों की परेशानियों को बढ़ा दिया, बल्कि संक्रमण के जोखिम को भी बढ़ा दिया। चिकित्सक जहां हाथ मुंह धोकर दवाइयां लेने की सलाह देते हैं, वहीं पानी की किल्लत ने इस सलाह को न केवल अधूरा, बल्कि अव्यवहारिक बना दिया। खासतौर पर महिलाओं और बच्चों को इससे सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। पानी की बिना किसी व्यवस्था के, अस्पताल के शौचालयों में बदबू फैलने लगी, और मरीजों को दो घंटे तक पानी का इंतजार करना पड़ा। तब जाकर नलों में पानी आया, लेकिन तब तक मरीज बाहर से पानी लाकर किसी तरह से अपनी जरूरतें पूरी कर चुके थे।
अस्पताल में भर्ती पिंकी देवी ने कहा कि सुबह के समय पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, लेकिन यहां पानी ही नहीं था। शौच जाने तक के लिए भी पानी नहीं था। तीमारदार मीना ने कहा कि मेरी बेटी अस्पताल में भर्ती है, लेकिन पानी जैसी मूलभूत सुविधा न होने से हमें काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। कूलर से पानी भरकर ही किसी तरह काम चलाना पड़ा। मरीज सपना ने अस्पताल प्रशासन से मांग की कि पानी की व्यवस्था तत्काल सुचारू की जाए, खासतौर पर सुबह के समय। अंजू देवी ने बताया कि बिना पानी के अस्पताल में दो घंटे तक स्थिति गंभीर बनी रही। शौचालयों में बदबू फैल गई और मरीजों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। अभिषेक ने कहा कि भराड़ी अस्पताल क्षेत्र का सबसे बड़ा स्वास्थ्य केंद्र है। ऐसे महत्वपूर्ण केंद्र में पानी जैसी बुनियादी सुविधा न होना गंभीर चिंता का विषय है। खासतौर पर महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
इनसेट
दोपहर 3 बजे के करीब अस्पताल में दोबारा पानी खत्म हो गया। मरीज फिर से पानी के लिए भटकते रहे। सुबह और शाम पानी के लिए मरीजों को दर दर भटकना पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि यहां रोजाना के यही हालात हैं।
कोट
अस्पताल प्रबंधन का जिम्मा संभाल रहे डॉक्टर विनोद चौधरी ने कहा कि अस्पताल में चार हजार लीटर पानी स्टोरेज क्षमता है। लेकिन जलशक्ति विभाग द्वारा जो कनेक्शन लगाए हैं उनमें पानी समयनुसार नहीं आता है। लेकिन फिर भी मरीजों को पानी सुचारू मिले इसके लिए प्रबंध किया जाएगा।