घुमारवीं में एचआरटीसी कल्याण मंच की बैठक में सदस्यों ने उठाई मांग
कहा- सात अगस्त को संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक में आंदोलन की रणनीति होगी तय
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच ने प्रदेश सरकार और हिमाचल पथ परिवहन निगम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। घुमारवीं में प्रेमलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारियों ने वर्षों से लंबित पड़े विभिन्न मामलों पर नाराजगी जताई। मंच ने 31 जुलाई 2026 तक लंबित भुगतान और पेंशन विसंगतियों को दूर करने की मांग की है। यदि सरकार ने ठोस निर्णय नहीं लिया तो 7 अगस्त 2026 को संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक में आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन, एरियर, महंगाई भत्ता, अतिरिक्त पेंशन और चिकित्सा प्रतिपूर्ति जैसी सुविधाओं के लिए लंबे समय से इंतजार करना पड़ रहा है। इससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने लंबित देनदारियों के भुगतान की घोषणा की थी, लेकिन बड़ी संख्या में कर्मचारी अब भी अपने अधिकारों से वंचित हैं। मंच ने सरकार से करीब दस वर्षों से लंबित भुगतान तुरंत जारी करने की मांग की। उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप सभी पात्र कर्मचारियों को संशोधित पेंशन का लाभ देने को भी कहा गया। कर्मचारियों ने कहा कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, सरकार को समयबद्ध कार्रवाई करनी होगी। मंच ने प्रदेश सरकार से महंगाई भत्ते की लंबित किस्त तुरंत जारी करने की मांग की। कर्मचारियों का कहना था कि पिछले तीन वर्षों से महंगाई भत्ते की किस्त लंबित हैं। लगातार बढ़ती महंगाई के कारण पेंशनभोगियों का जीवन-यापन कठिन होता जा रहा है। ऐसे में सरकार को बकाया महंगाई भत्ता जारी करना चाहिए। बैठक में सर्वसम्मति से लंबित वित्तीय देनदारियों के शीघ्र निपटारे का प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पेंशनरों को अतिरिक्त पेंशन का लाभ देने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। मंच ने कहा कि वर्ष 2016 से लेकर 2022 तक सेवानिवृत्त हुए अनेक कर्मचारियों को यह लाभ अभी तक नहीं मिला है।
सरकार को 31 जुलाई 2026 तक सभी पात्र कर्मचारियों को इसका भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए। चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लंबित मामलों पर भी कर्मचारियों ने नाराजगी जताई। मंच ने सरकार से सभी लंबित मेडिकल बिलों का शीघ्र भुगतान करने और भविष्य में समयबद्ध व्यवस्था लागू करने की मांग की। मंच ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और निगम प्रबंधन ने कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदेशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। 7 अगस्त 2026 को प्रदेश स्तर पर संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में आंदोलन की अगली रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया। इसमें लंबित वित्तीय देनदारियों, संशोधित पेंशन, महंगाई भत्ते की किस्तों, अतिरिक्त पेंशन और चिकित्सा प्रतिपूर्ति के मामलों का शीघ्र निपटारा करने की मांग की गई।