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Bilaspur News: फार्मेसी कैडर के लंबित मामलों का जल्द समाधान करे सरकार

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शिमला में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिला फार्मेसी अधिकारी संघ का प्रतिनिधिमंडल
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पदोन्नति, रिक्त पदों और सेवाओं के सुदृढ़ीकरण सहित कई मांगें उठाईं

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश अस्पताल फार्मेसी अधिकारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेशाध्यक्ष राजेश कुमार के नेतृत्व में शिमला में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर फार्मेसी कैडर से जुड़े लंबे समय से लंबित मामलों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. गोपाल बेरी, निदेशक एनएचएम प्रदीप ठाकुर और उपनिदेशक एनएचएम राजेश गुलेरी के साथ विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
प्रदेश प्रवक्ता सुरेंद्र नड्डा ने बताया कि बैठक के दौरान समयबद्ध पदोन्नति, पदोन्नति मानकों को मजबूत बनाने, बढ़ते कार्यभार के अनुरूप नए पद सृजित करने, फार्मेसी कैडर के सुदृढ़ीकरण और संस्थागत स्तर पर फार्मेसी सेवाओं के विस्तार की मांग प्रमुखता से रखी गई। संघ ने वर्ष 2003 से पूर्व अधिसूचित कर्मचारियों के लिए ओपीएस बहाली और रेट्रोस्पेक्टिव रेगुलराइजेशन के फैसले पर सरकार का आभार जताते हुए नियुक्ति की मूल तिथि से सभी वित्तीय एवं सेवा लाभ प्रदान करने का आग्रह किया। संघ ने एनएचएम में अनुचित जेएएस संशोधन वापस लेने के निर्णय का स्वागत करते हुए डिजिटल सुविधाओं से वंचित फार्मेसियों में कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट उपलब्ध कराने और सभी ऑनलाइन रिपोर्टिंग प्रणालियों को एकीकृत पोर्टल से जोड़ने की मांग भी रखी। साथ ही एनएचएम में कार्यरत फार्मेसी अधिकारियों की भूमिका को औपचारिक मान्यता देकर अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों की तरह प्रोत्साहन देने का भी आग्रह किया।
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सुरेंद्र नड्डा ने कहा कि वर्ष 2011 में जहां आवश्यक दवाओं की संख्या 73 थी, वहीं अब यह बढ़कर 1400 से अधिक हो चुकी है। इसके बावजूद फार्मेसी कैडर करीब 25 वर्ष पुराने स्टाफिंग मानकों के आधार पर काम कर रहा है। प्रदेश में 182 से अधिक फार्मेसी अधिकारियों के पद रिक्त हैं, जिनमें सबसे अधिक चंबा, सिरमौर, कुल्लू और शिमला में हैं। इससे अस्पतालों में डेपुटेशन, अतिरिक्त कार्यभार और क्लेरिकल कार्यों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने और सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ उपाध्यक्ष भरत भूषण, महासचिव कुशाल सिंह, उपाध्यक्ष हरप्रीत सिंह और सोलन जिलाध्यक्ष अशोक शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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