सुन्हाणी में सीर खड्ड किनारे चार साल बाद भी पूरी नहीं हुई पंचवटी वाटिका
वाटिका में बैठना तो छोड़िए चलने की भी जगह नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत सुन्हाणी में सीर खड्ड के किनारे चार साल से बन रही पंचवटी वाटिका अभी भी अधूरी है। पंचायत को 9 लाख रुपये स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण स्थल वाटिका के नाम पर झाड़ियों के अलावा कुछ नहीं है।
साल 2020 में तीन लाख रुपये और 2022 में छह लाख रुपये पंचवटी वाटिका के लिए मनरेगा के तहत स्वीकृत हुए थे। बावजूद इसके पंचवटी वाटिका में बैठने की जगह तो दूर झाड़ियों के कारण चलने के लिए भी उपयुक्त जगह नहीं है। वाटिका का कुल 10 लाख रुपये की लागत से निर्माण किया जाना था। पंचायत की ओर से निर्माण स्थल पर 9 लाख रुपये स्वीकृत होने के बोर्ड भी लगाए गए हैं। लेकिन करीब तीन बीघा भूमि पर बन रही इस वाटिका को देखकर लगता नहीं कि इतने रुपये खर्च किए गए हैं। निर्माणाधीन वाटिका में चारों ओर झाड़ियां उगी हुई हैं। जबकि पंचवटी वाटिका में बच्चों के लिए झूले, ओपन जिम, बैडमिंटन कोर्ट, टहलने के लिए पैदल मार्ग और बैठने की उचित व्यवस्था होने के दावे किए गए थे। इसके अलावा औषधीय और सजावटी पौधे भी लगाए जाने थे। लेकिन अभी तक जमीन को समतल किया गया है। सड़क की तरफ सुरक्षा के लिए पिलर और डंगों के निर्माण के बाद अभी तक पंचवटी वाटिका को जोड़ने के लिए बनी सडक़ पर पेवर ब्लॉक, मेन गेट, चहारदीवारी और घास लगाने का कार्य बचा हुआ है। इसे पंचायत ने चालू वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा था।
कोट
बजट के अभाव में लटका काम : प्रधान
सुन्हाणी पंचायत प्रधान उपेंद्र परमार का कहना है कि पंचायत मनरेगा से खड्ड के किनारे रमणीक स्थल में दस लाख रुपये की लागत से पंचवटी वाटिका का निर्माण कर रही है। 50 फीसदी कार्य पूर्ण कर लिया गया है। बजट के अभाव में यह कार्य लटका हुआ है।
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पंचायत से किया जाएगा जवाब तलब
विकासखंड कार्यालय झंडूता के कनिष्ठ अभियंता राजकुमार ने बताया कि यह मनरेगा के तहत बनाया जा रहा है, जिसके लिए बजट की कोई कमी नहीं है। पंचायत की ओर से खुद ही बजट स्वीकृत किया जाता है और कार्य किया जाता है। उन्होंने बताया कार्य विलंब होने के लिए पंचायत से जवाब तलब किया जाएगा।