जन्म के तुरंत बाद शिशु को दें त्वचा से त्वचा का स्पर्श
कंगारू मदर केयर, स्तनपान के महत्व, दस्त, निमोनिया के बारे बताया
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला(बिलासपुर)। नवजात शिशु सप्ताह के तहत ग्राम पंचायत डोबा के करोट गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता शिविर लगाया गया। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह बावा के निर्देशन में लगाए गए इस शिविर में हेल्थ एजुकेटर मस्तराम ने उपस्थित ग्रामीणों को नवजात शिशुओं की देखभाल करने की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष नवजात शिशु सप्ताह की थीम हर स्पर्श, हर समय, हर शिशु रखी गई है, जिसका उद्देश्य जन्म से लेकर पहले 28 दिन तक शिशु की आवश्यक देखभाल के प्रति लोगों को जागरूक करना है। मस्तराम ने कहा कि जीवन का पहला महीना बच्चे के लिए सबसे संवेदनशील होता है और इसी दौरान मृत्यु का जोखिम सबसे ज्यादा रहता है। इसलिए जन्म के तुरंत बाद शिशु को त्वचा से त्वचा का संपर्क, देर से गर्भनाल काटना, तुरंत और पूर्ण स्तनपान शुरू करवाना, शरीर का तापमान सामान्य बनाए रखना और संक्रमणों से बचाव जरूरी है। उन्होंने कंगारू मदर केयर, स्तनपान के महत्व, दस्त और निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान और उनके प्रबंधन पर भी ग्रामीणों को जागरूक किया। मस्तराम ने कहा कि समय पर देखभाल और सावधानी बरतकर नवजात मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य पर्यवेक्षक संजीव कुमार धीमान ने तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के बारे में जानकारी दी। उन्होंने तंबाकू के दुष्प्रभावों पर चर्चा करते हुए लोगों को तंबाकू से दूर रहने की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम के दौरान भाषण, मेहंदी और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताएं भी करवाई गईं। भाषण प्रतियोगिता में पूनम देवी प्रथम, आंचल द्वितीय और चंपा तृतीय रहीं। मेहंदी प्रतियोगिता में संवेदना ने पहला, दीपिका ने दूसरा और रीना ने तीसरा स्थान हासिल किया। पोस्टर मेकिंग में मोनिका प्रथम, रीना द्वितीय और सोमा तृतीय रहीं। कुल 15 प्रतिभागियों को पुरस्कार दिए गए।अंत में सभी उपस्थित लोगों को रिफ्रेशमेंट के रूप में फल वितरित किए गए। कार्यक्रम में आशा वर्कर सरिता, रामकली, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लता देवी, सहायिका रीना देवी सहित कुल 43 लोग मौजूद रहे।