आनंदघाट में आयोजित कथा में मौजूद श्रद्धालु। संवाद
आनंदघाट में श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। झंडूता उपमंडल के आनंदघाट में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए उनके जन्म से लेकर बाल्यकाल की विभिन्न लीलाओं का उल्लेख किया। इस दौरान पूतना वध, माखन चोरी, कालिया नाग दमन, गोप-गोपियों के साथ की गई बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथावाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला संदेश देती हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अच्छे संस्कार अपनाने, माता-पिता का सम्मान करने और समाज में प्रेम व भाईचारे की भावना बनाए रखने का आह्वान किया। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। भजन-कीर्तन के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालु जयकारों के साथ भक्ति रस में डूबे नजर आए। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का श्रवण किया और धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। आयोजकों ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का उद्देश्य क्षेत्र में धार्मिक जागरूकता और आध्यात्मिक वातावरण को बढ़ावा देना है। कथा के समापन के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया गया। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और युवाओं की भागीदारी भी विशेष रूप से देखने को मिली।