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Bilaspur News: कथा में श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाया

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घुमारवीं के इंदिरा वार्ड में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु। संवाद
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घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं के इंदिरा वार्ड में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा महायज्ञ के छठे दिन कथावाचक पंडित सुनील सारस्वत ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का रसपान करवाया।
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पंडित सुनील सारस्वत ने भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के पावन विवाह प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया । यह प्रसंग प्रेम, समर्पण और धर्म की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास रखने वाले भक्तों की भगवान स्वयं रक्षा करते हैं और उन्हें हर संकट से बाहर निकालते हैं।कथा के दौरान उन्होंने कालिया नाग दमन की लीला का भी मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने यमुना नदी में रहने वाले विषैले कालिया नाग का मान-मर्दन कर ब्रजवासियों को भयमुक्त किया था।
इसके अलावा कथावाचक ने विभिन्न असुरों और राक्षसों के वध से जुड़े प्रसंगों का भी वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने सदैव अधर्म और अन्याय का नाश कर धर्म की स्थापना का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान की लीलाएं मानव जीवन को सदाचार, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। पंडित सुनील सारस्वत ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करने का माध्यम है। कथा श्रवण से मन को शांति, आत्मिक सुख और ईश्वर के प्रति आस्था का भाव उत्पन्न होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने जीवन में भगवान के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
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कथा के दौरान श्रद्धालु भजनों और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों में सराबोर नजर आए। आयोजन समिति ने बताया कि कल अन्तिम दिन में भी श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के अंतर्गत विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। कथा के इस कार्यक्रम में श्रद्धालु बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। संवाद
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