टारिंग के बाद दो माह में ही उखड़ना शुरू हो गई थी शिमला-मटौर सड़क
सड़क की खराब हालत के चलते दधोल में हो रहे थे लगातार हादसे
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। शिमला-मटौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर दधोल स्कूल के पास दो माह पहले डाले गए तारकोल के उखड़ जाने के मामले में आखिरकार विभाग हरकत में आ गया है। अमर उजाला में शनिवार को प्रकाशित समाचार के बाद विभाग ने मौके पर पहुंचकर सड़क को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया है। दधोल स्कूल के पास सड़क की टारिंग महज दो माह के भीतर ही उखड़ गई थी, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। सड़क की खराब हालत के चलते यह स्थान लगातार हादसों का कारण बन रहा था।
बीते दिनों शिमला–मटौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर भगेड़ से उखली तक तारकोल बिछाने का कार्य किया गया था, ताकि वाहन चालकों को राहत मिल सके और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। लेकिन दधोल स्कूल के समीप करीब 20 मीटर हिस्से में तारकोल पूरी तरह उखड़ जाने से यह प्रयास बेअसर साबित हुआ और यह स्थान दुर्घटनाओं का प्रमुख केंद्र बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के बीचों बीच अचानक उखड़ी टारिंग वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रही है। राष्ट्रीय उच्च मार्ग होने के कारण यहां वाहन तेज गति से चलते हैं। दधोल स्कूल के पास उतराई में पहुंचते ही सड़क की खराब हालत के कारण वाहनों का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं। विशेषकर दुपहिया वाहन चालक यहां सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक कई बाइक सवार इस स्थान पर फिसलकर गिर चुके हैं। गनीमत यह रही कि अभी तक कोई बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन खतरा लगातार बना हुआ था। स्थानीय लोगों की समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए अमर उजाला ने विभाग के समक्ष मामला रखा, जिस पर संज्ञान लेते हुए अब सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है।
शिमला मटौर हाईवे पर दधोल स्कूल के पास सड़क की टारिंग दुरुस्त करने में जुटा विभाग। संवाद