बिलासपुर। अब प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों समेत 19 जिला और उपमंडल स्तर के अस्पतालों में आपात स्थिति में कोविड-19 के टेस्ट हो सकेंगे। इन अस्पतालों में ट्रू-नेट नामक आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं। इनके माध्यम से केवल इमरजेंसी में कोविड टेस्ट किए जाएंगे। एक से डेढ़ घंटे में टेस्ट की रिपोर्ट आएगी। रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो पुष्टि के लिए एक सैंपल आईजीएमसी शिमला भेजा जाएगा। इसके अलावा रूटीन में लिए जा रहे कोरोना के सभी सैंपल आईजीएमसी शिमला ही भेजे जाएंगे।
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर के जिला चिकित्सा अधिकारी एवं सर्विलांस अफसर डॉ. परविंद्र सिंह ने बताया कि अभी अस्पतालों में टेस्ट की ऐसी सुविधा नहीं थी। इमरजेंसी में भी सैंपल आईजीएमसी शिमला भेजे जाते थे। अन्य जिलों के सैंपल सीआरआई कसौली, मेडिकल कॉलेज नेरचौक और टांडा मेडिकल कॉलेज भेजे जाते थे। नई मशीनों से टेस्ट करने को बाकायदा लैब तकनीशियन को ट्रेंड किया गया है। बिलासपुर अस्पताल में इस मशीन से दिल्ली से लाई गई एक अस्सी वर्षीय मृतक महिला का पहला कोरोना टेस्ट सोमवार को किया गया है। मशीन का उपयोग केवल इमरजेंसी में ही किया जाएगा।
प्रदेश के 19 अस्पतालों में स्थापित की गई ट्रू-नेट मशीनें
प्रदेश के 19 अस्पतालों सहित मेडिकल कॉलेजों में भी यह आधुनिक तकनीक आधारित ट्रू-नेट मशीनें स्थापित की गई हैं। बिलासपुर अस्पताल के अलावा नाहन, चंबा, हमीरपुर, टांडा, पालमपुर, नूरपुर, रिकांगपियो, मंडी, जोगिंद्रनगर, करसोग, कुल्लू, खनेरी रामपुर, रोहड़ू, पावंटासाहिब, सोलन व नालागढ़ और कसौली सीआरआई में कोरोना टेस्ट के लिए ट्रू-नेट मशीनें स्थापित की गई हैं।
--