बिलासपुर। जिला जल एवं स्वच्छता अभियान के तहत बैठक का आयोजन उपायुक्त राजेश्वर गोयल की अध्यक्षता में हुई। इसमें उपायुक्त ने बताया कि जल शक्ति विभाग के माध्यम से चलाए जा रहे जल एवं स्वच्छता अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ कर हर घर को नल तथा हर नल में शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाना है।
उन्होंने बताया कि जिले में जल जीवन अभियान चरण तीन के अंतर्गत लगभग 79 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत की 6 पेयजल योजनाओं को स्वीकृति के लिए सरकार को भेजा जा रहा है। बताया कि इन योजनाओं के तहत 14140 आंशिक रूप से छूटे हुए घरों को नल की सुविधा उपलब्ध करवाना तथा पेयजल योजनाओं में सुधार करने का प्रावधान किया गया है।
बताया कि जल जीवन अभियान चरण एक के तहत 22733 आंशिक रूप से छूटे हुए घरों को नल सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए लगभग 200 करोड़ 78 लाख रुपये की योजनाएं स्वीकृत हुई है। इसी प्रकार फेस 2 में 9127 घरों को नल सुविधा प्रदान करने के लिए लगभग 18 करोड़ 72 लाख रुपये की योजनाओं को स्वीकृति मिली है जिनका कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने बताया कि जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल एक लाख 2 हजार 572 मकान हैं। जिनमें से आंशिक रूप से छूटे हुए घरों को जल जीवन अभियान के अंतर्गत जून 2021 तक नल सुविधा से जोड़ दिया जाएगा। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों से आह्वान किया कि वे जल जीवन अभियान के तहत स्वीकृत योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाए।
बैठक में जिला कमेटी के सदस्य सचिव अधिशाषी अभियंता ई. अरविंद वर्मा, डीएफ ओ सरोज भाई पटेल, अधिशाषी अभियंता झंडूता देव राज चौहान, जिला स्वास्थ्य अधिकारी परविंद्र सिंह, उप निदेशक उच्च शिक्षा महेंद्र सिंह, उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा सुदर्शन कुमार, सहायक अभियंता रविंद्र रणौत तथा कृषि विकास अधिकारी राजीव शर्मा उपस्थित रहे।