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मंदिरों को खोलने की प्रशासन ने की समीक्षा

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बिलासपुर/नयनादेवी। मंदिरों को खोलने को लेकर की जा रही तैयारियों की जिला प्रशासन ने समीक्षा की। इसको लेकर उपायुक्त राजेश्वर गोयल की अध्यक्षता में बिलासपुर में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें जिले के सभी मंदिर न्यासों, पुलिस, स्वास्थ्य और एसडीएम ने भाग लिया।
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बैठक में अधिकारियों की ड्यूटी तय की गई। उपायुक्त ने बताया कि एसओपी के मुताबिक मंदिर में 60 साल से अधिक और 10 साल से कम बच्चों और गर्भवती महिलाओं को आने पर रोक है। हर श्रद्धालु का डाटा रिकॉर्ड किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एहतियात की जानकारी देने के लिए सभी मंदिर परिसरों में स्पीकर भी लगाए जा रहे हैं। इसमें कोविड की गाइडलाइन के बारे में जागरूक किया जाएगा। श्री नयना देवी जी मंदिर परिसर में सैनिटाइजर, जागरूक बोर्ड सहित अन्य सारी तैयारियां आरंभ हो गई हैं।
मंदिर आने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। अगर कोई संदिग्ध पाया गया तो उसे मंदिर परिसर में बनाए आईसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा। इसके साथ श्रद्धालुओं का मूर्तियों को छूना और घंटियों को हाथ लगाना वर्जित रहेगा। उपायुक्त ने लोगों से आग्रह किया है कि अगर जरूरी है तभी मंदिरों में आएं। उन्होंने बताया कि जिला के मार्कंडेय मंदिर और रुकमणि कुंड में श्रद्धालुओं को स्नान की अनुमति नहीं होगी। हिमाचल में साढ़े पांच माह बाद वीरवार को लोग देवी-देवताओं के दर्शन कर सकेंगे। केंद्र सरकार द्वारा जारी एसओपी को हिमाचल सरकार ने जारी कर दिया है। प्रदेश के शक्तिपीठों में मंदिर न्यासों की ओर से मंदिर खोलने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिले में शक्तिपीठ मां श्री नयना देवी जी, बाबा बालक नाथ और बाबा नाहर सिंह मंदिर खोले जा रहे हैं।
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शादी, मुंडन और लंगर पर प्रतिबंध
मंदिरों में शादी, मुंडन और लंगर पर भी आगामी आदेशों तक प्रतिबंध रहेगा। मंदिरों में किसी भी तरह से भजन-कीर्तन सहित नहीं होगा। मंदिर परिसर में बैठने की इजाजत नहीं होगी। इसके साथ मंदिरों में प्रसाद सहित चरणामृत ले जाना मना है।
पुलिस विभाग करेगा निगरानी
मंदिरों में सोशल डिस्टेंसिंग सहित सारी व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए पुलिस की अहम भूमिका रहेगी। पुलिस के कर्मचारी सोशल डिस्टेंसिंग सहित लोगों को कोविड के बारे में जागरूक करेंगे। सीसीटीवी से मंदिर परिसर की पूरी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
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धार्मिक स्थलों के लिए ये है एसओपी
-खाली हाथ दर्शन करने ही आ सकेंगे।
-दीवारों, रेलिंग और दूसरे स्थानों को छूने पर रोक
-मंदिर के आकार और प्रवेश को लेकर संख्या होगी निर्धारित
-गर्भगृह में जाने पर पूरी तरह रोक
-भंडाराख् प्रसाद और अन्य सामान को ले जाने पर रोक
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