एम्स बिलासपुर में सीएमई, सम्मेलन आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गंभीर हृदय रोगियों के प्रबंधन में टीम अप्रोच महत्वपूर्ण होता है। मैक्स अस्पताल मोहाली में सीटीवीएस के सीनियर डायरेक्टर डॉ. दीपक पुरी ने कहा कि पिछले दशक में टीम अप्रोच प्रबंधित रोगियों ने कम आईसीयू और अस्पताल स्टे के साथ मृत्यु दर में काफी गिरावट आई है।
डॉ. पुरी शनिवार को एम्स, बिलासपुर में सीएमई और सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि रोकथाम हमेशा सबसे अच्छी रणनीति है। दिल का दौरा पड़ने पर समय पर हस्तक्षेप महत्वपूर्ण रहता है। अपने हृदय स्वास्थ्य के बारे में जागरूक होना, चेकअप और आकलन के लिए नियमित रूप से स्वास्थ्य पेशेवरों से परामर्श करना आवश्यक है। नई तकनीक वीडियो असिस्टेड थोरेकोस्कोपिक सर्जरी (वीएटीएस) के बारे में बात करते हुए कहा कि वीएटीएस में परिणाम से समझौता किए बिना थोरैसिक सर्जरी को न्यूनतम इनवेसिव बनाने का फायदा है। पिछले दशक में यूनीपोर्टल वीएटीएस के आगमन ने थोरेकोस्कोपिक सर्जरी को कई फायदों के साथ सरल बना दिया है। हृदय रोगियों में सबसे चुनौतीपूर्ण गंभीर स्थितियों में कार्डियोजेनिक शॉक के साथ एक्यूट इस्केमिक हार्ट फेल्योर है। ये रोगी आमतौर पर अस्पताल में विषम घंटों में पहुंचते हैं और आमतौर पर एंटीप्लेटलेट दवा ले रहे होते हैं। बेहतर परिणामों के साथ-साथ लागत को कम करने के लिए टीम अप्रोच उपचार आवश्यक है।