जुखाला कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में प्राचार्य डा. धू्रवपाल सिंह एचपीयू फ्रे मवर्क टेम्प्लेट
जुखाला कॉलेज में एनईपी-2020 पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच विकसित करना : ध्रुवपाल
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला ( बिलासपुर)। राजकीय महाविद्यालय जुखाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति एनईपी 2020 को सत्र 2026-27 से लागू किए जाने के मद्देनजर शिक्षक क्षमता निर्माण के तहत दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। आईक्यूएसी की ओर से हुए आयोजन में महाविद्यालय की तैयारियों और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के फ्रेमवर्क टेंप्लेट पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला के दूसरे दिन महाविद्यालय के प्राचार्य डा. ध्रुवपाल सिंह ने कहा कि एचपीयू फ्रेमवर्क टेंप्लेट के 15 प्रमुख बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न डिग्रियों, प्रत्येक स्तर पर निर्धारित क्रेडिट्स, डीएससी, डीएसई, माइनर कोर्स, एसईसी, एईसी और वीएसी जैसे कोर्स कंपोनेंट्स पर प्रकाश डाला। प्राचार्य ने बताया कि नई नीति के तहत विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार मुख्य विषय के साथ अन्य विषयों का भी चयन कर सकेंगे। बीच में पढ़ाई छोड़ने पर एक वर्ष बाद प्रमाणपत्र, दो वर्ष बाद डिप्लोमा, तीन वर्ष बाद डिग्री और चार वर्ष बाद शोध सहित डिग्री प्रदान की जाएगी। छात्रों के क्रेडिट एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट, एबीसी में डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे, जिससे वे दूसरे कॉलेजों में आसानी से प्रवेश ले सकेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच विकसित करना और शिक्षा प्रणाली को अधिक लचीला और रोजगारोन्मुख बनाना है। कार्यशाला में प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षकों ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक उपस्थित रहे।