139 स्कूलों को वितरित कीं फील्ड टेस्टिंग किट
स्कूलों में बनेगी जल गुणवत्ता टीम, साल में तीन बार करनी होगी जांच
जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी को बढ़ावा देना, जागरूकता विकसित करना है उद्देश्य
प्रियंका ठाकुर
बिलासपुर। जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब साफ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में नई पहल शुरू की गई है। इसके तहत जल शक्ति विभाग और समग्र शिक्षा अभियान के संयुक्त प्रयास से सरकारी स्कूलों में फील्ड टेस्टिंग किट उपलब्ध कराई गई हैं।
अब स्कूलों में शिक्षक स्वयं परिसर में उपलब्ध पेयजल की गुणवत्ता की जांच कर सकेंगे। विभाग की ओर से जिले के 139 स्कूलों को फील्ड टेस्टिंग किट वितरित की गई हैं। इनमें 86 माध्यमिक, 18 उच्च और 35 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। इन किटों से स्कूलों में उपलब्ध पेयजल की गुणवत्ता का समय-समय पर परीक्षण किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही जलजनित रोगों की रोकथाम के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
इन किटों के उपयोग के लिए शिक्षकों को पिछले वर्ष मंडी में एक दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया गया था। अब प्रत्येक विद्यालय में जल गुणवत्ता निगरानी टीम का गठन किया जाएगा। टीम को वर्ष में कम से कम तीन बार पानी के विभिन्न मानकों की जांच करनी होगी। जांच रिपोर्ट की एक-एक प्रति डाइट जुखाला, जल शक्ति विभाग तथा संबंधित एसडीएम कार्यालय को भेजी जाएगी।
उपनिदेशक शिक्षा (गुणवत्ता) निशा गुप्ता के माध्यम से स्कूलों को किटें दीं गईं। इस पहल का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों में सुरक्षित पेयजल के महत्व के प्रति जागरूकता विकसित करना है। विभाग का मानना है कि इस पहल से दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बच्चों का बचाव किया जा सकेगा।
जल शक्ति विभाग और समग्र शिक्षा ने सभी विद्यालयों से फील्ड टेस्टिंग किट का नियमित उपयोग कर पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा सुरक्षित एवं स्वस्थ विद्यालय वातावरण के निर्माण में सहयोग देने की अपील की है।