जिला में चल रहे अधिकांश सरकारी स्कूलों में खामियां हैं। आलम यह है कि कई स्कूलों की कक्षाओं से शिक्षक गायब रहते हैं, तो कई स्कूलों में समय से पहले ही छुट्टी कर रहे हैं। इसका खुलासा शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक पीसी वर्मा के औचक निरीक्षण में हुआ है। कई स्कूलों में खामियां मिलने पर तल्ख हुए उपनिदेशक ने तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
शिक्षा उपनिदेशक पीसी वर्मा ने विभागीय टीम के साथ विकास खंड सदर, घुमारवीं शिक्षा खंड-1 तथा घुमारवीं शिक्षा खंड-2 के नौ स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। औचक निरीक्षण में राजकीय प्राथमिक पाठशाला नाल्टी, बरोट तथा सिल्ह में कई कक्षाएं बिना अध्यापक के ही चल रही थीं। उपनिदेशक ने शिक्षकों को कक्षाएं खाली न रखने की नसीहत दी। जबकि, राजकीय प्राथमिक पाठशाला बाड़ी छजोली के बच्चे 2 बजकर 50 मिनट पर ही स्कूल से सड़क तक पहुंच गए थे। स्कूल में केवल केंद्रीय मुख्य शिक्षक ही मौजूद थे। जबकि, अन्य अध्यापक तीन बजे का समय भरकर स्कूल से जा चुके थे। इस पर उपनिदेशक ने कड़ा संज्ञान लिया तथा तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा।
माध्यमिक पाठशाला बध्यात के बच्चों का आईक्यू कमजोर
औचक निरीक्षण के दौरान राजकीय माध्यमिक पाठशाला बध्यात के बच्चों का आईक्यू कमजोर पाया गया। जबकि, राजकीय प्राथमिक पाठशाला खैरियां तथा बध्यात के छात्रों का स्तर काफी अच्छा मिला। शिक्षा उपनिदेशक ने बताया कि स्कूलों का औचक निरीक्षण जारी रहेगा।
सदर खंड के 6 स्कूलों का औचक निरीक्षण
शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक पीसी वर्मा ने सदर खंड के 6 स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। राजकीय प्राथमिक पाठशाला सिहड़ा, बदसौर, सिहड़ा खास, धमणा, राजकीय माध्यमिक पाठशाला धमणा, राउपा सिहड़ा के छात्रों का स्तर सामान्य वर्ग में पाया गया। राउपा सिहड़ा का निरीक्षण किया गया। स्कूल में व्यवस्था अव्यवस्थित पाई गई।