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टैक्सी चालक हत्याकांड : दूसरे दिन भी नहीं मिला शव

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- गोताखोर कर रहे 28 किलोमीटर लंबी नहर में तलाश
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- पंजाब में मिले आरोपियों के खून से लथपथ कपड़े और टैक्सी
- मामले की जांच लगभग पूरी, खोज अभियान रहेगा जारी

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सोलन के टैक्सी चालक का शव किरतपुर नहर में चल रहे खोज अभियान के दूसरे दिन भी नहीं मिला। बीबीएमबी के गोताखोर किरतपुर से रोपड़ तक 28 किलोमीटर लंबी नहर में शव की तलाश कर रहे हैं।
एसआईटी की टीम डीएसपी मुख्यालय मदन धीमान की अगुवाई में आरोपियों को सोमवार को पंजाब भी लेकर गई। पुलिस ने हत्या के दौरान पहने आरोपियों के कपड़े बरामद कर लिए हैं। एक आरोपी ने अपने कपड़ों को मुल्लापुर स्थित अपनी रिश्तेदार के घर छुपा कर रखा था। दूसरे आरोपी ने मोई नामक जगह पर सड़क किनारे कूड़े के ढेर पर कपड़ों को फेंक दिया था। आरोपियों की निशानदेही पर लुधियाना से टैक्सी को भी बरामद कर लिया। टैक्सी में काफी मात्रा में खून पाया गया है। मृतक की चांदी की चेन भी टैक्सी में ही मिली है। एफएसएल टीम ने सैंपल भी लिए हैं। पुलिस के अनुसार मामले की लगभग जांच पूरी हो चुकी है। अब सिर्फ मृतक का मोबाइल और शव ढूंढना बाकी रहा है। इसके लिए खोज अभियान जारी रहेगा। पुलिस अधीक्षक विवेक चहल ने प्रेस वार्ता में बताया कि जांच के दौरान यह पता चला है कि आरोपियों ने मनाली में होटल में शराब का नशा किया था। 25 जून को मनाली से वापस आते हुए आरोपियों की नीयत में उस समय खोट आया जब उन्होंने मंडी के पास टैक्सी चालक के पास 500-500 रुपये के नोट देखे। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर के बागी में टैक्सी चालक की गला घोंट और पत्थर मार कर हत्या की। फिर शव को टैक्सी में डाल कर नौणी होते हुए दाड़लाघाट पहुंच गए। वहां उन्होंने करयाड़ा पंप पर पेट्रोल डलवाया और वापस नौणी होते हुए फोरलेन से किरतपुर पहुंच गए। वहां नहर में शव फेंक दिया। आरोपियों पर पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
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इनसेट
क्या था मामला
टैक्सी चालक हरिकृष्ण निवासी गांव डोलरू डाकघर डोली तहसील रामशहर सोलन 24 जून को पंजाब के जसकरन जोत और गुरमीत सिंह को शिमला से मनाली ले गए थे। 25 जून को वह दोनों युवकों के साथ मनाली से लौट रहे थे। रात करीब 8:20 मिनट पर हरिकृष्ण की घर पर बात हुई और बताया कि बरमाणा में हूं। सवारियां बिलासपुर छोड़कर आउंगा। कुछ देर बाद मोबाइल बंद हो गया। 26 जून को बेटे देशराज ने पिता की तलाश शुरू की। दाड़लाघाट, भराड़ी घाट, बरमाणा की ओर गए। भराड़ी घाट-कयारड़ा पेट्रोल पंप के सीसीटीवी में उन्होंने टैक्सी देखी। पंजाब का एक युवक ही टैक्सी चलाकर लाया और दूसरा भी साथ ही था। पिता नहीं दिखे। पिछली सीट पर कोई व्यक्ति लेटा दिखाई दिया। देशराज ने शिमला के सदर थाने में जीरो एफआईआर कराई। इसके बाद मामला बरमाणा थाना भेजा गया। डीएसपी मदन धीमान के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने 24 घंटे के भीतर आरोपियों को शनिवार को पंजाब से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद मामले एक-एक कर खुलासे होते गए।
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