-भड़ोलीकलां में शिवालिक हिल बकरी, कोटधार बकरी के पोषण विधियों पर की चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई(बिलासपुर)। उत्तरी शीतोष्ण क्षेत्रीय केंद्र, गड़सा जिला कुल्लू द्वारा शुक्रवार को भड़ोलीकलां में पशु आनुवंशिक संसाधन परियोजना के तहत सतर्कता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई और उनकी समस्याओं का समाधान किया गया।
केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. अरुण तोमर, केंद्र के अध्यक्ष डॉ. आर पुरुषोत्तमन ने ऑनलाइन माध्यम से किसानों का मार्गदर्शन किया। इस दौरान शिवालिक हिल बकरी, कोटधार बकरी के पोषण, चयनात्मक प्रजनन और स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। शिविर में लगभग 80 किसानों ने भाग लिया। पशुपालन से जुड़ी समस्याओं को वैज्ञानिकों के साथ साझा किया। किसानों को उनकी समस्याओं के समाधान के साथ पशु चिकित्सा किट और खनिज मिश्रण भी बांटा गया, जिससे उनके पशुओं की देखभाल और पोषण में सहायता मिलेगी। आयोजन में डॉ. रजनी चौधरी, हरी कृष्ण, कैलाश बाकोलिया और दुष्यंत की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्ण देव , डॉ. मंजुला ठाकुर, डॉ. दीपशिखा भारती सहित विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।