घुमारवीं के बजोहा पार्क में टूटे झूले व बेंच । संवाद
घुमारवीं के बजोहा पार्क में बेंचों की हालत भी खस्ता
70 लाख रुपये खर्च कर भी लोगों को नहीं मिल रही अच्छी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं के तहत वार्ड नंबर-5 बजोहा के पार्क में लगाए गए झूलों में एक साल बाद ही भ्रष्टाचार की जंक लग गई हैं। पार्क में लगाए गए ज्यादातर झूले टूट चुके हैं। झूलों को लगे अभी एक साल भर का समय भी नहीं बीता है। पार्क में आने वाले बच्चे टूटे झूलों पर झूलने को मजबूर हैं।।
पार्क में बैठने के लिए करीब आठ बेंच लगाए गए हैं। हैरानी की बात है कि सभी बेंच पूरी तरह से टूट चुके हैं। इन्हें न तो बदला जा रहा है और न ही ठीक करवाया जा रहा है। करीब एक साल पहले करीब 28 लाख रुपये खर्च कर इस पार्क में झूले लगाए गए थे। लेकिन अब झूलों सहित पूरा पार्क दुर्दशा का शिकार हो चुका हैं। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी पार्क की मौजूदा स्थिति बेहद चिंताजनक है। हैरानी इस बात को लेकर भी है कि कागजों में ही इस पार्क को बनाने से लेकर सौंदर्यीकरण तक नगर परिषद करीब 70 लाख रुपये खर्च कर चुका है। आज पूरा पार्क खंडहर बन चुका है । स्थानीय लोगों का कहना है कि गुणवत्ता अच्छी नहीं होने के चलते ही एक साल में झूले टूट चुके हैं। यहां तक की पार्क में बैठने के लिए एक बेंच भी नसीब नहीं है। सभी बेंच टूटे पड़े हैं। कई झूलों के पार्ट भी टूट कर गायब हो चुके हैं। टूटे झूलों से बच्चों के गिरने का खतरा बना रहता है। लोगों की मांग है कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। जिन लोगों ने घटिया उपकरण खरीदे हैं उनके विरुद्ध भी कार्रवाई होनी चाहिए। बताते चलें की घुमारवीं में करीब छह पार्क बनाए गए हैं। लेकिन इनमें से एक भी पार्क ऐसी स्थिति में नहीं है, जहां पर सुबह-शाम लोग सैर करने अथवा धूप का आनंद लेने आ सकें। सभी पार्कों की हालत बेहद दयनीय है।
कोट
मामला ध्यान में नहीं था। जल्द ही पार्क में जितने भी झूले टूटे हुए हैं, उन्हें ठीक करवा दिया जाएगा। साथ ही बैठने के लिए जो बेंच लगाए गए हैं, उन्हें भी बदला जाएगा। ताकि लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
रीता सहगल, अध्यक्ष, नगर परिषद घुमारवीं
घुमारवीं के बजोहा पार्क में टूटे झूले व बेंच । संवाद