मरीजों को कई बसें बदलकर पहुंचना पड़ रहा अस्पताल, आरएम ने विभागीय स्तर पर मामला रखने का दिया आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। कीरतपुर-मनाली फोरलेन बनने के बाद स्वारघाट क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खासकर बिलासपुर स्थित एम्स पहुंचने के लिए क्षेत्रवासियों को सीधी बस सुविधा नहीं मिल रही है। मरीजों और तीमारदारों को अस्पताल पहुंचने के लिए कई बसें बदलनी पड़ती हैं। इसे देखते हुए स्वारघाट से एम्स बिलासपुर के लिए सीधी बस सेवा शुरू करने की मांग उठी है।
इसी मांग को लेकर कुटैहला और तन्बौल पंचायत के प्रतिनिधिमंडल ने स्वाहण वार्ड से जिला परिषद सदस्य अधिवक्ता रतन चंद की अध्यक्षता में आरएम बिलासपुर से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने आरएम विवेक लखनपाल को मांगपत्र सौंपकर स्वारघाट से एम्स तक सीधी बस चलाने का आग्रह किया। प्रतिनिधियों ने बताया कि क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग उपचार के लिए एम्स जाते हैं। गंभीर मरीजों, बुजुर्गों और तीमारदारों को बार-बार बस बदलने में परेशानी होती है। इससे समय और किराया दोनों अधिक खर्च होते हैं। उन्होंने कहा कि फोरलेन बनने के बाद पुराने बस रूट में बदलाव आया है, जिससे स्थानीय लोगों को पहले जैसी परिवहन सुविधा नहीं मिल रही। आरएम विवेक लखनपाल ने प्रतिनिधिमंडल की मांग को ध्यानपूर्वक सुनते हुए मामले को विभागीय स्तर पर रखने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में कुटैहला पंचायत के उपप्रधान संजय शर्मा और तन्बौल पंचायत के उपप्रधान मदन लाल ठाकुर सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बनेर, तन्बौल और जकातखाना होकर चले बस
पंचायत प्रतिनिधियों ने मांग की कि बस को स्वारघाट से बनेर, तंबौल और जकातखाना होते हुए एम्स बिलासपुर तक चलाया जाए। इससे इस रूट के कई गांवों के मरीजों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और अन्य यात्रियों को लाभ मिलेगा।