-तीन साल में भी पूरा नहीं हुआ पाइप लाइन बिछाने का काम
-क्षेत्र के करीब 30 परिवारों को मिलनी है पीने के पानी की सुविधा
-ग्रामीण ने समस्या को देखते हुए टैंक बनाने के लिए दान दी थी जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं(बिलासपुर)। छत हिम्मर पेयजल योजना के तहत धीनवा गोयल में लाखों रुपये की लागत से बनाए गए टैंक का निर्माण होने के बाद भी लोगों को पेयजल की सप्लाई नहीं मिल रही है। कारण यह है कि पिछले तीन साल से इस योजना में टैंक से पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा नहीं हो पाया है।
प्रदेश सरकार द्वारा पानी की समस्याओं को हल करने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। यह टैंक धीनवा, लखेत्र और गोयल के करीब 25 से 50 परिवारों को पेयजल सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया था। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर उन्होंने कई बार विभाग को अवगत करवाया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। गांव के निवासी अमी चंद, जगदीश कुमार, राकेश कुमार, शशि कुमार, सुरेंद्र कुमार, विनोद कुमार, अशोक कुमार, द्वारका दास, प्रवीण कुमार, दिव्यांश, नवीन सहित अन्य लोगों ने बताया कि गांव के ही जगदीश राम ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए अपनी कीमती जमीन टैंक निर्माण के लिए दान कर दी थी। विभाग ने ठेकेदार के माध्यम से टैंक का निर्माण तो कुछ साल पहले करवा दिया, लेकिन उसमें पानी की पाइपलाइन बिछाने का काम तीन सालों में भी पूरा नहीं हुआ। नतीजा यह है कि टैंक के नीचे दरारें आ गई हैं और जमीन धंसने लगी है। इस अनदेखी के कारण गांव के कई परिवारों ने अपने नल कनेक्शन कटवा दिए हैं। नौकरीपेशा और आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों ने निजी बोरवेल लगवा लिए हैं, लेकिन गरीब परिवारों के पास यह विकल्प नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार विभाग और स्थानीय प्रशासन से संपर्क किया, लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने उच्च अधिकारियों और प्रदेश सरकार से मांग की है कि टैंक में पानी की व्यवस्था शीघ्र करवाई जाए। जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता राकेश वैद्य ने कहा कि उन्हें इस समस्या के बारे में पहली बार जानकारी मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा।
कपाहड़ा पंचायत के धीनवा गोयल में बनाया गया पेयजल टैंक। संवाद