- इससे पहले मरीजों को किया जाता था बिलासपुर, आईजीएमसी रेफर
-घुमारवीं में सुविधा शुरू होने से करीब डेढ़ लाख की आबादी को राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। जिले के दूसरे बड़े सिविल अस्पताल घुमारवीं में दो दशक बाद करीब चार माह पहले रोगियों की सर्जरी शुरू हुई थी। वहीं अब अस्पताल में पहली बार 16 वर्षीय युवती का अपेंडिक्स का सफल ऑपरेशन किया गया। इस ऑपरेशन को अस्पताल में मौजूद शल्य चिकित्सक डॉक्टर कार्तिक गुलेरिया ने अपनी टीम के साथ मिलकर पूरा किया।
घुमारवीं अस्पताल में इससे पहले इस प्रकार के रोगियों को बिलासपुर या शिमला रेफर किया जाता था। अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ और सर्जन की मौजूदगी में इस युवती का ऑपरेशन यहीं पर कर दिया। इस कारण वे लोग आईजीएमसी शिमला और अन्य बड़े अस्पताल के चक्कर काटने से भी बच गए। इस ऑपरेशन के बाद युवती के परिवार ने खुशी जताते हुए अस्पताल में मौजूद सर्जन डॉ. कार्तिक गुलेरिया का आभार जताया। करीब एक वर्ष पहले घुमारवीं अस्पताल में शल्य चिकित्सक की तैनात बाद अस्पताल में माइनर सर्जरी करना शुरू की। इसके बाद अस्पताल में अब मेजर सर्जरी भी करना शुरू कर दी गई है। शल्य चिकित्सक डॉ. कार्तिक गुलेरिया, एनेस्थेटिक डॉ. कनिका पराशर के अनुसार अस्पताल की टीम ने पिछले कुछ माह में हर्निया, हाइड्रोसील, ब्रैस्ट सिस्ट्स सहित कई मेजर, माइनर ऑपरेशन किए हैं। इसके अलावा चिकित्सकों ने अस्पताल में पित्त की पथरी से लेकर बवासीर तक के भी सफल ऑपरेशन किए हैं। हालांकि चिकित्सकों की मानें तो अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर अभी निर्माणाधीन है। लोगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए एक कमरे में ओटी स्थापित की गई है, जहां ऑपरेशन शुरू किए गए हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार अस्पताल को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। क्योंकि अस्पताल में डॉक्टरों की कोई कमी नहीं है। कई सर्जन और विशेषज्ञ की नियुक्ति हो चुकी है।
घुमारवीं अस्पताल में वर्तमान में स्त्री रोग ,चर्म रोग ,हड्डी रोग विशेषज्ञ सहित चिकित्सक शामिल हैं। अस्पताल में पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की कमी के कारण कुछ दिक्कत जरूर आ रही है। अस्पताल में की जा रही इन सफल सर्जरी के बाद लोगों को उम्मीद है कि स्टाफ की कमी जल्द ही पूरी की जाएगी, ताकि लोगों को दूसरे बड़े अस्पतालों या फिर निजी अस्पतालों के चक्कर न काटने पड़े।
कोट
हमने अस्पताल में माइनर से लेकर मेजर सर्जरी करना शुरू की है। अस्पताल में मौजूद उपकरण काफी पुराने हैं। इस समय अस्पताल में एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन जैसी मशीन की जरूरत है। इस मशीन के आने से और ज्यादा मेजर सर्जरी की जा सकेंगी। इसके साथ ही अगर अस्पताल में लेप्रोस्कोपिक मशीन भी उपलब्ध हो जाए तो अस्पताल में ही दूरबीन द्वारा भी कई सफल आपरेशन किया जा सकेंगे। इसके लिए हमने उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है, जैसे ही यह उपकरण उपलब्ध होंगे अस्पताल में और बड़े आपरेशन किए जा सकेंगे।
-डॉक्टर कार्तिक गुलेरिया, शल्य चिकित्सक, सिविल अस्पताल, घुमारवीं