मंदिर परिसर में लाउडस्पीकर, ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजों पर रोक
टोबा से नयना देवी मंदिर तक भारी वाहनों की आवाजाही बंद
बसों और छोटे यात्री वाहनों की आवाजाही को ही होगी अनुमति
कोट कहलूर थाना क्षेत्र में हथियार लेकर चलने पर भी रोक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। श्री नयना देवी जी मंदिर में 19 से 28 मार्च तक आयोजित होने वाले चैत्र नवरात्र मेले को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था के मद्देनजर कई प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। जिला दंडाधिकारी राहुल कुमार ने श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़, कानून व्यवस्था और मानव सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग, हथियार लेकर चलने तथा भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर विशेष निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन के अनुसार चैत्र नवरात्र के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता श्री नयना देवी के दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाए गए हैं। जारी आदेशों के अनुसार मेला अवधि के दौरान श्री नयना देवी जी मेला परिसर में लाउडस्पीकर, ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजे और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी प्रकार की सार्वजनिक सूचना या घोषणा करना आवश्यक होगा तो वह केवल मेला कंट्रोल रूम के माध्यम से ही प्रसारित की जाएगी। निजी तौर पर किसी भी प्रकार की उद्घोषणा या ध्वनि उपकरणों का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा मेला अवधि के दौरान मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का प्रसाद ले जाने और प्रयोग करने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन के अनुसार यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और मंदिर परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। जिला दंडाधिकारी ने एक अन्य आदेश भी जारी किया है। इसके तहत 19 से 28 मार्च, 2026 तक पुलिस थाना कोट कहलूर के अधिकार क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति की ओर से अस्त्र-शस्त्र, गोला-बारूद, दूर से मार करने वाले हथियार या किसी भी प्रकार के तेजधार हथियार लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश आम नागरिकों पर लागू होगा, जबकि पुलिस और सुरक्षा बलों को इससे छूट प्रदान की गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चैत्र नवरात्र मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 115 के तहत यातायात संबंधी आदेश भी जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार मेला अवधि के दौरान टोबा से श्री नयना देवी जी मंदिर तक के सड़क मार्ग पर केवल बसों और छोटे यात्री वाहनों (टैक्सियों) की आवाजाही को ही अनुमति होगी। इस दौरान ट्रक, कैंटर, ट्रैक्टर, टेम्पो और अन्य भारी वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा यदि ट्रक, टेम्पो या ट्रैक्टर सवारियों से लदे हुए पाए जाते हैं तो उन्हें हिमाचल प्रदेश की सीमा के प्रवेश बिंदुओं गरामोड़ और ग्वालथाई (भाखड़ा) से आगे श्री नयना देवी जी की ओर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। श्रद्धालुओं को इन स्थानों से आगे की यात्रा बसों या टैक्सियों के माध्यम से ही करनी होगी। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेला अवधि के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि चैत्र नवरात्र मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। प्रशासन की ओर से जारी ये सभी आदेश 19 मार्च से 28 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेंगे।