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Bilaspur News: नशे के खिलाफ बिलासपुर में सख्त अभियान, जीरो टॉलरेंस के साथ तेज होगी कार्रवाई

Wed, 24 Jun 2026 11:43 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक में मौजूद अधिकारी। स्रोत: डीपीआरओ
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एनकॉर्ड समिति की बैठक में डीसी राहुल कुमार के निर्देश
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स्वारघाट में जल्द शुरू होगा नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर में जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त राहुल कुमार ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने इसमें भाग लिया।
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य कर रही है। जिला प्रशासन भी नशा तस्करी और अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सख्त कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार बहुआयामी रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपना विद्यालय कार्यक्रम के तहत गोद लिए गए स्कूलों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए। उनका कहना था कि बच्चों और युवाओं में जागरूकता बढ़ाकर ही इस सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उपायुक्त ने बताया कि चिट्टा तस्करी पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने सख्त कानूनी प्रावधान लागू किए हैं, जिनके तहत आरोपियों को बिना जमानत छह माह तक हिरासत में रखा जा सकता है। साथ ही नशा तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विशेष एंटी-ड्रग कानून भी लागू किया गया है।
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राहुल कुमार ने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी अथवा अवैध कारोबार में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जा रही है। जिले में विभिन्न विभागों के नौ कर्मचारी ऐसे मामलों में संलिप्त पाए गए हैं, जिनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है और रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि स्वारघाट क्षेत्र में 15 बिस्तरों वाला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र शीघ्र शुरू किया जाएगा। इस केंद्र में नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उपचार, परामर्श और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक वापस लौट सकें। बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान ने कहा कि चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए जिला पुलिस लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि जिले के शैक्षणिक संस्थानों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और पुलिस अधिकारी स्वयं विद्यार्थियों के बीच जाकर नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
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