कॉलेज चौक समेत कई इलाकों में समस्या गंभीर, पशुओं से जुड़े हादसों में जा चुकी हैं दो जानें
जाम, दुर्घटनाओं और लोगों की परेशानी बनी बड़ी चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर और आसपास के क्षेत्रों में लावारिस पशुओं की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। नगर परिषद क्षेत्र के 11 वार्डों में सड़कें और गलियां इन पशुओं से प्रभावित हैं। आए दिन सड़क पर घूमते पशुओं के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह समस्या दुर्घटना का कारण बन रही है। शहर के कॉलेज चौक, लखनपुर, ओयल और जबली समेत कई क्षेत्रों में दिनभर लावारिस पशु सड़कों पर दिखाई देते हैं। कॉलेज चौक जैसे व्यस्त स्थान पर कई बार पशु सड़क के बीचोंबीच खड़े हो जाते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है और जाम की स्थिति बन जाती है। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और आम लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार पशु अचानक वाहनों के सामने आ जाते हैं, जिससे चालक को अचानक ब्रेक लगानी पड़ती है और हादसे का खतरा बढ़ जाता है। पशुओं के आपस में लड़ने से आसपास खड़े वाहन भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। रात के समय सड़क पर बैठे पशु वाहन चालकों के लिए और अधिक खतरनाक साबित होते हैं। लावारिस पशुओं के कारण जिले में कई गंभीर हादसे हो चुके हैं। करीब तीन वर्ष पहले पनोह के पास फोरलेन पर सांड से बाइक टकराने से एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य घायल हुआ था। वहीं, जनवरी और फरवरी 2025 में ऋषिकेश समेत अन्य क्षेत्रों में पशुओं को बचाने के प्रयास में हुए सड़क हादसों में एक महिला की मौत और कई लोग घायल हुए। लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से समय-समय पर पशुओं को हटाने की कार्रवाई की जाती है, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। शहरवासियों ने नगर परिषद और संबंधित विभाग से मांग की है कि लावारिस पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
सुबह और शाम सड़क ज्यादा परेशानी
लखनपुर निवासी पवन शर्मा ने कहा कि सुबह और शाम सड़क पर सबसे ज्यादा परेशानी होती है। दोपहिया वाहन चलाते समय हर समय डर बना रहता है कि कहीं पशु अचानक सामने न आ जाए। पशु भी इसमें घायल होते हैं और लोगों को अधिक समस्या का सामना करना पड़ता है।
कोई कार्रवाई नहीं होती
शहर के साथ लगते ओयल गांव के विवेक डोगरा का कहना है कि सड़कों पर ऐसे पशु भी घूम रहे हैं, जिनके कान में टैग लगे हैं। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती है। यह केवल प्रशासन और सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
खड़े वाहनों को भी पहुंचा रहे नुकसान
जबली के विक्की राणा ने कहा कि लावारिस पशु आपस में लड़ते हैं तो आसपास खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचता है। लोग भी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आते हैं। अधिक समस्या तब होती है जब वाहन पर चलते-चलते यह सामने आते हैं।
पशु की वजह से लग रहा जाम
लालमन का कहना है कि कॉलेज चौक और अन्य व्यस्त स्थानों पर अकसर पशु सड़क के बीच खड़े रहते हैं। इससे जाम लगता है और कई बार भारी वाहन इन्हें टक्कर मार देते हैं, जिससे पशु भी घायल हो जाते हैं।
बिलासपुर शहर में घर में बाहर खड़ा लावारिस पशु। संवाद
बिलासपुर शहर में घर में बाहर खड़ा लावारिस पशु। संवाद
बिलासपुर शहर में घर में बाहर खड़ा लावारिस पशु। संवाद
बिलासपुर शहर में घर में बाहर खड़ा लावारिस पशु। संवाद
बिलासपुर शहर में घर में बाहर खड़ा लावारिस पशु। संवाद
बिलासपुर शहर में घर में बाहर खड़ा लावारिस पशु। संवाद