समोह स्कूल में उद्यमिता कौशल पर कार्यशाला आयोजित
युवाओं को जॉब सीकर नहीं, बनना होगा जॉब गिवर
विद्यार्थियों को बताई राष्ट्र निर्माण में स्टार्टअप की भूमिका
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय समोह में विद्यार्थियों के भीतर उद्यमशील सोच विकसित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में शिक्षाविद सुमन प्रजापति ने शिरकत की और विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में स्टार्टअप की भूमिका से रूबरू करवाया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सुमन प्रजापति ने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्टार्टअप की यह क्रांति अब महानगरों से निकलकर गांवों तक पहुंच रही है। प्रजापति ने कहा, आज के युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनना चाहिए। जब स्थानीय संसाधनों का उपयोग करके वैश्विक समाधान विकसित किए जाएंगे, तभी आत्मनिर्भर भारत और ''विकसित भारत'' का सपना साकार होगा। कार्यशाला के दौरान उन्होंने बताया कि स्टार्टअप न केवल व्यक्तिगत आय का साधन हैं, बल्कि ये महिला और युवा सशक्तिकरण के भी सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि आज की बड़ी कंपनियां कभी सिर्फ एक छोटा सा विचार थीं। सकारात्मक सोच, सही दिशा और साहस के साथ कोई भी छात्र वैश्विक उद्यमी बन सकता है। सत्र के दौरान विद्यार्थियों में भारी उत्साह देखा गया। छात्रों ने न केवल उद्यमिता से जुड़े प्रश्न पूछे, बल्कि अपने नवाचारी स्टार्टअप आइडिया भी साझा किए। विद्यालय की कार्यकारी प्रधानाचार्या पुष्पा कुमारी ने सुमन प्रजापति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी कार्यशालाएं बच्चों को आत्मनिर्भर और नवाचारी नागरिक बनाने में मील का पत्थर साबित होंगी। इस अवसर पर बद्री दास, सुरेश चंद,अनिल कुमार, सौरव शर्मा, देशराज, सत्यपाल, अरविंद शर्मा एवं समस्त विद्यालय स्टाफ मौजूद रहे।