फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: स्टाफ की कमी से जूझ रहा विद्युत उपमंडल कार्यालय स्वारघाट

विज्ञापन
विज्ञापन
अधिशासी और कनिष्ठ अभियंता निपटा रहे क्लर्कों का कार्य
विज्ञापन

दो जेई, फोरमैन और टी मेट के भी खाली हैं पद

संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। विद्युत उपमंडल स्वारघाट का कार्यालय स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। कार्यालय में अधिशासी और कनिष्ठ अभियंता को क्लर्क के कार्य निपटाने पड़ रहे हैं। उपमंडल में दो कनिष्ठ अभियंता, क्लर्क, फोरमैन ओर टी मेट के पद खाली पड़े हैं।
दो साल पहले प्रदेश सरकार ने स्वारघाट में नया विद्युत उपमंडल कार्यालय खोला था। उसके बाद अभी तक इस कार्यालय में एकमात्र सहायक अभियंता का पद को भरा है। इस उपमंडल के तहत दो नए विद्युत अनुभाग बैहल और जकातखाना भी बनाए गए हैं। इन दोनों विद्युत अनुभागों में बिना कनिष्ठ अभियंता के कार्य चल रहा है। यही नहीं इनमें फोरमैन और टी मेट के पद भी खाली पद हैं। इस कारण केवल दो कनिष्ठ अभियंताओं के ऊपर नए खुले इन दो अनुभागों का अतिरिक्त कार्यभार भी है। जमीनी स्तर पर काम के लिए जरूरी पदों पर भी तैनाती नहीं हो रही है। वहीं लगातार बढ़ते जा रहे विद्युत उपभोक्ताओं से यह बोझ बढ़ता जा रहा है। उपभोक्ता जोड़े जा रहे हैं लेकिन एक भी नए अभियंता की तैनाती नहीं हो पाई है। दो साल पहले खोले गए नए कार्यालय स्वारघाट में क्लर्कों का काम भी यहां के एसडीओ और दोनों जेई को निपटाना पड़ता है। कार्यालय में गत दो साल से क्लर्क के करीब छह पद खाली हैं। विद्युत उपमंडल कार्यालय स्वारघाट के तहत अनुभाग स्वारघाट, स्वाहण, बैहल और जकातखाना में घरेलू और व्यावसायिक के करीब साढ़े छह हजार उपभोक्ता हैं। सरकार ने प्रदेश राज्य विद्युत परिषद को जब कारपोरेशन में तब्दील किया था, उस समय विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या सैकड़ों में हुआ करती थी और नियमित कर्मचारी हजारों में हुआ करते थे। वर्तमान में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या हजारों में हो चुकी है, जबकि विद्युत बोर्ड में कर्मचारियों की संख्या हर साल घटती जा रही है। तकनीकी काम देखने वाले सबसे महत्वपूर्ण अभियंता के पदों पर भी लंबे समय से भर्तियां नहीं हो रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोट
बोर्ड में खाली पदों को प्रदेश सरकार की ओर से नियमित भरा जाता है। प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर विद्युत बोर्ड में कर्मचारियों के पद खाली चल रहे हैं। कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति के बाद समस्या बढ़ रही है। इससे फील्ड में कार्य करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। -मनोज उपरेती, निदेशक (ऑपरेशन) हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें