दिव्यांग बच्चों की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में खिलाड़ी दौड़ में भाग लेते हुए।
- फोटो : BILASPUR
बिलासपुर। उचित मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण के साथ दिव्यांग किसी भी क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। दिव्यांगजनों को सहानुभूति की नहीं अपितु उन्हें प्यार और उत्साहवर्धन की आवश्यकता होती है। यह बात उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने रावमापा छात्र के खेल मैदान में दो दिवसीय राज्य स्तरीय दिव्यांग प्रतिभा खोज खेल प्रतियोगिता-2019 का विधिवत शुभारंभ करने के उपरांत कही।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि दिव्यांगजनों को अपना भरपूर सहयोग प्रदान करें तथा उनके साथ आमजन की तरह व्यवहार करें। प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई प्रतिभा छुपी होती है। आवश्यकता होती है उसके गुण को पहचानकर उसे तराशने की।
उन्होंने कहा कि जिला बिलासपुर खेलों का हब है। उन्होंने बिलासपुर में दिव्यांगजनों की राज्य स्तरीय दिव्यांग प्रतिभा खोज खेल प्रतियोगिता की मेजबानी करने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों को पहली बार सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ने का अवसर मिलेगा। बच्चे जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं से चयनित होकर राज्य स्तर तक पहुंचे हैं। यहां पर वे अपनी बेहतर खेल प्रतिभा का परिचय देंगे और राष्ट्र स्तर के लिए चयनित होकर जाएंगे तथा आगे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा के जौहर दिखाकर देश, प्रदेश व जिला का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न अंग है तथा हम सभी को दिव्यांगजनों के सामाजिक व आर्थिक उत्थान के लिए समर्पण भावना से कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याणार्थ विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही है ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। जिले में अब तक 5 हजार 939 कार्ड बनाए गए हैं। दिव्यांग विवाह अनुदान योजना के तहत 8 दिव्यांगजनों को 2 लाख 4 हजार की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत चालू वित्त वर्ष में 93 लाभार्थियों को 9 लाख 85 हजार 875 की राशि वितरित की गई। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों के लिए सरकार द्वारा यूडीआईडी बनाने की सुविधा प्रदान की गई है। जिले में अपंग राहत भत्ता के तहत 3 करोड़ 84 लाख 90 हजार की राशि खर्च कर 3 हजार 746 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।
उन्होंने बताया कि दो दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान बच्चों का पूर्णरूप से ध्यान रखा जाएगा। बच्चों के आने व जाने का पूरा खर्च विभाग की ओर से वहन किया जाएगा। इस अवसर पर जिला कल्याण अधिकारी अमरजीत डोगरा, जिला खेल अधिकारी श्यामलाल कौंडल, रविशंकर के अतिरिक्त तेजस्वी शर्मा, सुरेश नड्डा, मीना वर्मा, विभिन्न जिलों के कोच व अभिभावक उपस्थित रहे।