घुमारवीं शहर में कई निजी बसों के साइलेंसर से निकल रहा घना काला धुआं
स्कूली बच्चों, दुकानदारों और राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी
चिकित्सकों ने बताया, धुआं आंखों, गले और फेफड़ों के लिए हानिकारक
लोगों ने प्रशासन से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं शहर में सड़कों पर दौड़ रही कई निजी बसें इन दिनों वायु प्रदूषण का बड़ा कारण बनती जा रही हैं। इन बसों के साइलेंसर से लगातार निकलने वाला घना काला धुआं वातावरण को प्रदूषित कर रहा है, जिससे शहरवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की सड़कों पर चल रही कुछ निजी बसों की हालत काफी खराब है और उनके साइलेंसर से अत्यधिक धुआं निकलता है। जब ये बसें बाजार या अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से गुजरती हैं तो उनके पीछे काले धुएं का गुबार फैल जाता है। ऐसे में आसपास खड़े लोगों, दुकानदारों और राहगीरों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। खासकर मुख्य बाजार और बस अड्डे के आसपास यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। कई बार बसों के गुजरते ही सड़क पर कुछ क्षणों के लिए धुएं का गुबार छा जाता है, जिससे वहां मौजूद लोगों को आंखों में जलन और घुटन महसूस होने लगती है। दुकानदारों का कहना है कि दिन में कई बार इस स्थिति का सामना करना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ रही है। सुबह और दोपहर के समय जब बच्चे स्कूल आने-जाने के लिए सड़कों से गुजरते हैं, उसी दौरान बसों की आवाजाही भी अधिक रहती है। ऐसे में बसों से निकलने वाला काला धुआं सीधे बच्चों के संपर्क में आता है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। चिकित्सकों के अनुसार वाहनों से निकलने वाला ऐसा धुआं श्वसन तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इससे आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
लोगों का कहना है कि हैरानी की बात यह है कि धुआं उगलते ये वाहन सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे हैं। इसके बावजूद इन पर प्रभावी कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। उनका कहना है कि संबंधित विभाग को समय-समय पर वाहनों की जांच कर प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। नागरिकों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि शहर में चल रही निजी बसों और अन्य वाहनों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही जिन वाहनों से अत्यधिक धुआं निकल रहा है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शहरवासियों को प्रदूषण की इस समस्या से राहत मिल सके और स्वच्छ वातावरण बना रहे।