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Bilaspur News: डिजिटल बाजार से जुड़ेंगे छोटे उद्यम, बढ़ेंगे कारोबार के अवसर

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झंडूता में रैंप कार्यक्रम के तहत जागरूकता कार्यशाला
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कारोबारियों को ई-कॉमर्स और जैम पोर्टल की दी जानकारी
30 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया भाग, ऑनलाइन कारोबार के गुर सीखे

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे उद्यमियों को डिजिटल बाजार से जोड़कर उनके कारोबार को नई दिशा देने के उद्देश्य से उद्योग विभाग ने झंडूता में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के राइजिंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस कार्यक्रम के तहत आयोजित इस कार्यशाला में 30 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यशाला में उद्यमिता, ई-कॉमर्स, क्लस्टर विकास और सरकारी ई-मार्केटप्लेस पोर्टल के माध्यम से व्यापार बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी गई। कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि बदलते समय में छोटे उद्योगों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करना बेहद जरूरी हो गया है। ऑनलाइन कारोबार और डिजिटल भुगतान प्रणाली अपनाकर स्थानीय उत्पादों को देशभर के ग्राहकों तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है। इसके साथ ही सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में भी छोटे उद्यमियों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।
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प्रसार अधिकारी उद्योग विभाग बिलासपुर पूनम ने प्रतिभागियों को विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम सहित कई योजनाओं के माध्यम से युवा और महिलाएं बैंक ऋण एवं सरकारी सब्सिडी का लाभ लेकर अपना उद्योग स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमिता प्रशिक्षण और डिजिटल बाजार की समझ छोटे व्यवसायों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कार्यशाला के पहले सत्र में मुख्य प्रशिक्षक ऋषि गौतम ने प्रभावी उद्यमिता कौशल और ई-कॉमर्स की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन स्टोर, सोशल मीडिया और डिजिटल भुगतान प्रणाली के माध्यम से छोटे उद्यमी अपने उत्पादों की बिक्री बढ़ाकर बड़े बाजार तक पहुंच बना सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को डिजिटल कारोबार से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की भी जानकारी दी।
दूसरे सत्र में रैंप कार्यक्रम के वरिष्ठ सलाहकार आशुतोष शर्मा ने माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि छोटे उद्यमी समूह बनाकर उत्पादन और विपणन करें तो लागत कम होगी, उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होगी और बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता भी बढ़ेगी। विशेष रूप से महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों और क्लस्टर के माध्यम से स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
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तीसरे सत्र में इशांत डोगरा ने प्रतिभागियों को सरकारी ई-मार्केटप्लेस पोर्टल की कार्यप्रणाली समझाई। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से छोटे उद्यमी अपने उत्पाद और सेवाएं सीधे सरकारी विभागों को उपलब्ध करा सकते हैं, जिससे उनके कारोबार के नए अवसर पैदा होंगे। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न योजनाओं, डिजिटल व्यापार और ऑनलाइन विपणन से जुड़े सवाल भी पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान किया।
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