गोवंश के साथ पकड़े गए ऑयल टैंकर पर लगाए पंखे। संवाद
आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष दल मार रहा छापा
टैंकर को गोवंश की तस्करी के लिए ही किया गया मॉडिफाई
टैंकर की छत पर हवा के लिए लगाए गए थे पंखे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ऑयल टैंकर में गोवंश की तस्करी मामले की जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया गया है। मामले में फरार चल रहे आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीम कई जगहों पर छापा मार रही है। जांच में टैंकर के मालिक को भी शामिल किया जा रहा है।
तस्करों ने ऑयल टैंकर को मवेशियों की तस्करी के लिए विशेष रूप से मॉडिफाई किया था। टैंकर की छत पर पंखे भी लगे हुए मिले हैं, जो हवा आने जाने के लिए लगाए गए थे। हालांकि उनसे भी पर्याप्त हवा मवेशियों को नहीं आ रही थी। पुलिस ने मौके से भागे टैंकर चालक और एक अन्य व्यक्ति की पहचान भी कर ली है। चालक जफर अली जम्मू का रहने वाला है जबकि दूसरा आरोपी उत्तर प्रदेश निवासी असलम है। दोनों की धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है। उधर, टैंकर मालिक से भी पूछताछ की जाएगी। उसे भी स्वारघाट थाना बुलाया गया है। यदि वह मामले में संलिप्त पाया जाता है तो उसकी भी गिरफ्तारी होगी। इसकी संभावना अधिक है कि मालिक को मामले के बारे पता होगा। क्योंकि मालिक की बिना जानकारी के टैंकर को मॉडिफाई करना संभव नहीं है। बता दें कि स्वारघाट पुलिस ने पंजाब की सीमा पर गरामोड़ा में वीरवार तड़के गोवंश से भरे एक ऑयल टैंकर को पकड़ा था। गोवंश को पंजाब की ओर से प्रदेश में लाया जा रहा था। टैंकर में एक मृत बैल, पांच जिंदा बैल और तीन गाय बरामद हुई थीं। मवेशियों को अंदर डालने के लिए टैंकर को मॉडिफाई कर एक दरवाजा बनाया गया था। साथ ही टैंकर की छत पर छोटे होल में पंखे भी लगाए गए थे। इससे यह साफ जाहिर हो रहा कि टैंकर को विशेष रूप मवेशियों की तस्करी के लिए ही इस्तेमाल किया जा रहा था। हालांकि सारे मामले की सच्चाई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आएगी। वहीं, टैंकर से बरामद गोवंश को जकातखाना गोशाला में रखा गया है। सभी पशुओं की हालत अब ठीक है। उधर, स्वारघाट थाना प्रभारी रूप लाल कथानिया ने बताया कि मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। टीम आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है।