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पांच घंटे खुले बाजार, सैलून और हार्डवेयर की दुकानों में उमड़ी भीड़

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बिलासपुर। जिले में 5 घंटे ही सुबह 9 बजे से 2 बजे तक दुकानें खुली रहीं। सबसे ज्यादा भीड़ सैलूनों और हार्डवेयर की दुकानों में देखने को मिली। सड़कों पर भी वाहनों की संख्या में इजाफा देखने को मिला। इसके कारण जाम भी लगा। घुमारवीं में करीब तीन घंटे एनएच किनारे और बाजारों मेें गाड़ियों की भीड़ लगी रही। सब्जी व राशन की दुकानों में तो लोग दिखे, लेकिन कपड़े, किताबों और शराब की दुकानों में न के बराबर ग्राहक आए। लोग सोशल डिस्टेंसिंग और कोराना नियमों की पूरी तरह से पालना करते नजर आए। कार्यालय भी 30 प्रतिशत समता के साथ खुले।
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जिले में सुबह 9 बजे सभी प्रकार की दुकानें खुल गईं। सुबह 10 बजे तक बाजारों में गिने चुने लोग ही दिखाई दिए। लेकिन 25 दिन बाद सैलून खुलते ही सोमवार को सुबह 9 बजे से ही लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। लोग सैलूनों पर घंटों अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। सुबह 11 बजे लोगों ने बाजारों की रुख करना शुरू किया। इसके बाद बाजारों में थोड़ी भीड़ दिखाई दी। वहीं किराना, सब्जी व हार्डवेयर की दुकानों में ज्यादा संख्या में लोग नजर आए। कपड़ों, किताबों की दुकानों और शराब ठेकों पर कम लोग ही नजर आए। लोग मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कोरोना नियमों की पालना करते दिखे। हालांकि कुछ स्थानों पर लोगों की भीड़ जमा हुई। लेकिन पुलिस प्रशासन ने लोगों को इकट्ठा नहीं होने दिया। वहीं पुलिस कर्मचारी लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति जागरूक भी करते रहे। पिछले दिन के मुकाबले सड़कों पर वाहनों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिला। इस कारण शहर के कुछ चौकों पर थोड़ी-थोड़ी देर के लिए जाम लगता रहा।
बिलासपुर शहर के चेतना और कॉलेज चौक पर सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर 10 मिनट के लिए जाम लगा। लेकिन पुलिस प्रशासन के सहयोग से ट्रैफिक व्यवस्था सही की गई। घुमारवीं के मुख्य बाजार में सोमवार को बाजार खुलने के साथ ही ट्रैफिक बहुत ही ज्यादा देखने को मिली। राष्ट्रीय उच्च मार्ग-103 शिमला-धर्मशाला जो घुमारवीं शहर से होकर गुजरता है वहां पर बहुत ज्यादा गाड़ियों की आवाजाही देखने को मिली। दुकानदारों ने बाजार खुलने से राहत की सांस ली। जूते और रेडीमेड कपड़ों की दुकानों में भीड़ देखी गई। बाकी दुकानदारों के पास काम सामान्य ही रहा। जिला में पौने 2 बजे दुकानदार अपनी दुकानों को बंद करते नजर आए। इसके बाद सड़कों पर वाहनों की संख्या भी कम हो गई। कार्यालय भी 30 प्रतिशत क्षमता के साथ खुले रहे। कर्मचारी मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कार्यालयों में नजर आए।
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दुकानदार निशांत राणा ने कहा कि इतने दिनों के बाद दुकानें खुलने से खुश तो हैं, लेेकिन परिवहन सुविधा न होने के कारण बाजारों में ज्यादा संख्या में लोग नहीं आए। सरकार को दुकानें खोलने की समयसीमा को बढ़ा देना चाहिए।
दुकानदार विनित गुप्ता ने कहा कि बाजार तो खुले पर सभी दुकानों को ग्राहक नहीं मिले। दुकानों में पहले ही काम कम है। इसलिए सरकार को समयसीमा पर विचार करना चाहिए।
दुकानदार प्रकाश शर्मा ने बताया कि सुबह 9 बजे दुकान तो खोल दी, लेकिन ग्राहक 11 बजे के बाद दुकानों पर आने शुरू हुए। इतने समय में ग्राहक बाजार में नहीं पहुंच पा रहे हैं।
दुकानदार नवीन सोनी ने कहा कि सारी दुकानें खोलने के सरकार के निर्णय से खुश हैं। सोमवार को पहला दिन था तो ग्राहक कम आए। लेकिन धीरे-धीरे ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी हो जाएगी।
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