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Bilaspur News: घुमारवीं में फुटपाथ पर दुकानें और खुली भट्टियां बनीं खतरा

Mon, 12 Jan 2026 11:19 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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घुमारवीं के गांधी चौक पर बसों का इंतजार करते बच्चे। संवाद
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गांधी चौक पर हर पल मंडरा रहा बड़े हादसे का साया
स्कूल छुट्टी के वक्त सैकड़ों बच्चे होते हैं सड़क पर खड़े
खुली आग, तंग रास्ता और लावारिस पशुओं ने बढ़ाई चिंता


संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। घुमारवीं शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शुमार गांधी चौक इन दिनों गंभीर खतरे की चपेट में है। फुटपाथ पर सजी अस्थायी दुकानें, खुले में जलती मूंगफली भूनने की भट्टियां और स्कूली बच्चों की भारी भीड़ यह खतरनाक संगम किसी भी समय बड़े हादसे को जन्म दे सकता है।
दोपहर करीब तीन बजे का समय, जब स्कूलों की छुट्टी होती है, उस वक्त हालात और भी भयावह हो जाते हैं। सैकड़ों स्कूली बच्चे अपने घर लौटने के लिए गांधी चौक और बस स्टैंड की ओर पहुंचते हैं, लेकिन फुटपाथ पर कब्जा जमाए दुकानदारों के कारण पैदल चलने की जगह तक नहीं बचती। मजबूरन बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को बीच सड़क पर खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है, जहां तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। लोगों का कहना है कि सड़क किनारे सजी इन दुकानों के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। कई राहगीर पहले भी वाहनों की चपेट में आने से बाल-बाल बच चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद न तो व्यापार मंडल और न ही प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम उठाया गया है। सबसे ज्यादा चिंता का विषय दुकानों पर जलाई जा रही खुली आग की भट्टियां हैं। तंग जगह, बच्चों की भीड़ और जलती आग यह स्थिति किसी भी समय भगदड़ या आगजनी जैसी गंभीर दुर्घटना को न्योता दे सकती है। यदि जरा सी चूक हुई, तो हालात बेकाबू हो सकते हैं।
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अभिभावकों में इस स्थिति को लेकर भारी रोष और चिंता है। उनका कहना है कि रोजाना छोटे-छोटे बच्चे जान जोखिम में डालकर सड़क पर खड़े होते हैं। बुजुर्गों और महिलाओं के लिए भी यह अव्यवस्था किसी खतरे से कम नहीं है। खतरा यहीं खत्म नहीं होता। गांधी चौक और आसपास घूमते बेसहारा बैल भी स्थिति को और गंभीर बना रहे हैं। किसी भी समय इनके अचानक दौड़ पड़ने या हमला करने की स्थिति में बच्चों के पास बचने के लिए खुली जगह नहीं होती, जिससे जान-माल के नुकसान की आशंका और बढ़ जाती है। एसडीएम कार्यालय को जाने वाली सड़क के पास भी फुटपाथ पर दुकानों का कब्जा प्रशासनिक लापरवाही की तस्वीर पेश कर रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि प्रशासनिक कार्यालय के इतने नजदीक यह अव्यवस्था आखिर कैसे बर्दाश्त की जा रही है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि गांधी चौक और आसपास के क्षेत्रों में लगी अस्थायी दुकानों को तुरंत हटाया जाए या उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। साथ ही यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और आग से जुड़े जोखिमों को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। जब तक प्रशासन ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक गांधी चौक पर किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहेगी।
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कोट
मामला संज्ञान में आया है और तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं। गौरव चौधरी, एसडीएम घुमारवीं

घुमारवीं के गांधी चौक पर बसों का इंतजार करते बच्चे। संवाद

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